सिंहस्थ के लिए महत्वपूर्ण है यह विकास कार्य
सड़क चौड़ीकरण से यातायात व्यवस्था में सुधार होगा
उज्जैन में 27 सितंबर को मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने पैतृक मकान को ढहा दिया। उन्होंने खुद गैंती चलाकर मकान का एक हिस्सा तोड़ा और विकास कार्य के लिए अपनी संपत्ति देने का संदेश दिया। CM ने कहा कि अगर सिंहस्थ के लिए यह बलिदान देना जरूरी है, तो हमें यह कदम उठाना चाहिए। उनका मानना है कि जहां जन्म हुआ हो, उस घर को तोड़ना मन पर असर डालता है। ऐसे में उज्जैन के लोग अपने मकान को पीछे हटाने के लिए प्रेरित हुए हैं, जो एक आदर्श उदाहरण है। मार्ग चौड़ीकरण एवं विकास कार्य के लिए 9.80 करोड़ रुपए की राशि व्यय की जाएगी। यह मार्ग खजूर वाली मस्जिद से अब्दालपुरा, जीवाजीगंज थाना होते हुए गणेश चौक तक लगभग 730 मीटर लंबे मार्ग को 15 मीटर चौड़ा किया जा रहा है। चौड़ीकरण के तहत सड़क की उपलब्ध चौड़ाई बढ़ाने के साथ यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित करने पर जोर रहेगा।
उज्जैन में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने पैतृक मकान को ढहा दिया। यह कदम उन्होंने सिंहस्थ महाकुंभ के लिए विकास कार्यों की तैयारी के तहत उठाया। 27 सितंबर को अपने पुश्तैनी घर पहुंचे मोहन यादव ने खुद गैंती चलाकर मकान का एक हिस्सा तोड़ा। इस दौरान वह भावुक नजर आए और उन्होंने कहा कि यह बलिदान आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब वह पहले बार साइंस कॉलेज से चुनाव जीतकर आए थे, तब भी उनके सामने यह मकान था। उन्होंने यह भी कहा कि जहां जन्म हुआ हो, उस घर को तोड़ना स्वाभाविक रूप से मन को प्रभावित करता है। लेकिन विकास के लिए यह बलिदान दिया जाना चाहिए। सिंहस्थ महाकुंभ के कारण उज्जैन में श्रद्धालुओं और वाहनों की संख्या में भारी वृद्धि होने की संभावना है। इस स्थिति को देखते हुए शहर के प्रमुख मार्गों का चौड़ीकरण किया जा रहा है। खजूर वाली मस्जिद से अब्दालपुरा तक लगभग 730 मीटर लंबे मार्ग को 15 मीटर चौड़ा किया जा रहा है।
