भोपाल में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सरकारी कर्मचारियों के लंबित मामलों की समीक्षा करने का निर्णय लिया है। 27 सितंबर को होने वाली इस समीक्षा में सभी विभागों से लंबित मामलों की जानकारी एकत्रित की जाएगी। यह कदम सरकारी नौकरी की पेंडेंसी, अनुकंपा नियुक्ति, पदोन्नति, विभागीय जांच और पेंशन से जुड़े मामलों को लेकर उठाया गया है। इस समीक्षा का उद्देश्य यह जानना है कि कितने प्रमोशन रुके हैं और रुकावट किस स्तर पर है। मुख्यमंत्री सचिवालय ने विभाग, संभाग और जिला स्तर पर लंबित पेंशन मामलों का पूरा डेटा तैयार करने का निर्देश दिया है। समीक्षा में यह भी पता लगाया जाएगा कि कर्मचारियों के रिटायर होने के बाद पेंशन स्वीकृत करने में देरी क्यों हो रही है। सामान्य प्रशासन विभाग को सभी विभागों से आंकड़े जुटाकर एकीकृत प्रस्तुतीकरण तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है। गौरतलब है कि अब लंबित मामलों की संख्या के साथ-साथ उनके कारणों को भी रिकॉर्ड किया जाएगा। इससे सरकार को यह जानकारी मिलेगी कि किस विभाग में कितने पद खाली हैं और भर्ती की जरूरत कहां सबसे ज्यादा है।
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हर अटके केस का हिसाब होगा
28 सितंबर 2026 को 12:49 am बजे

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