चेहरे पर स्याही पोतने की घटना के बाद चंद्रशेखर तिवारी ने कहा - 'गर्दन काटनी है तो काट दो'
भोपाल के पीर गेट पर उस वक्त हंगामा मच गया जब हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी के चेहरे पर स्याही पोत दी गई। यह घटना विवादित बयान के बाद हुई, जिसके चलते दलित समाज में खासा रोष था। घटना के बाद मौके पर भीड़ जमा हो गई और जमकर बवाल हुआ, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) समाज को लेकर आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया था। उनके इस बयान से दलित समाज के लोग बेहद नाराज थे और उन्होंने तिवारी का पुरजोर विरोध किया। विरोध प्रदर्शनों के दौरान लोगों ने तिवारी पर हिंदूवादी होने का नाटक करने का आरोप लगाया और मुर्दाबाद के नारे भी लगाए। तिवारी ने अपने बयान में सनातन धर्म को तोड़ने वालों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने की बात कही थी और दावा किया था कि उन्हें गर्दन काटने की धमकी भी मिली है। उन्होंने कहा था कि वे हिंदुत्व के लिए काम करते रहेंगे और जो लोग उनसे जलते हैं, वे जलते रहें। उन्होंने यह भी कहा कि भावावेश में एक शब्द निकल गया था, जिसके लिए उन्होंने चर्मकार समाज से माफी भी मांगी थी। इसके बावजूद, तिवारी ने कहा कि राजनीति से प्रेरित होकर उनके खिलाफ ऐसा कृत्य करने वाले समझ लें कि वे टूटने वाले नहीं हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि वे रोज भवानी चौक आएंगे और जिसे गर्दन काटनी है, वह काट दे। तिवारी ने कहा कि जब तक उनके प्राण रहेंगे, वे हिंदुत्व के लिए काम करते रहेंगे और गर्दन कटने के बाद ही यह काम बंद करेंगे। उन्होंने भगवान संत रविदास, वाल्मीकि, चर्मकार और बंसोड़ समाज को प्रणाम किया और उन्हें अपना सनातनी समाज बताया। स्याही पोतने की घटना के बाद, चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि वे डरे नहीं हैं और न ही डरेंगे। उन्होंने कहा कि वे सनातन धर्म को एकत्रित करने का काम कर रहे हैं और जो लोग इससे जल रहे हैं, वे जलते रहें। उन्होंने दोहराया कि गर्दन काटने की धमकी देने वाले समझ लें कि उनके जैसे लोगों के तोड़ने से वे टूटने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वे रोज भवानी चौक आएंगे और जिसका मन हो गर्दन काट दे। अपने विवादित बयान पर चौतरफा घिरने के बाद चंद्रशेखर तिवारी ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी थी। उन्होंने स्वीकार किया कि इंटरव्यू के दौरान एक पुराना मुहावरा गलती से उनके मुंह से निकल गया था। उन्होंने कहा कि अगर किसी को ठेस पहुंची है तो वे माफी मांगते हैं और सनातन के लिए आगे रहने वाले एससी-एसटी समाज को प्रणाम करते हैं। इस बीच, भोपाल के कोतवाली थाना इलाके के पीर गेट पर हुई इस घटना के बाद पुलिस प्रशासन में भी हड़कंप मच गया। लोगों की भारी भीड़ जुटने और हंगामे को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस ने मामला शांत कराने और भीड़ को तितर-बितर करने का प्रयास किया। इस घटना ने शहर में सांप्रदायिक तनाव को भी बढ़ा दिया। यह घटना तब हुई जब तिवारी कथित तौर पर भवानी चौक के पास थे। उन्होंने कहा कि वे रोज वहां आएंगे और किसी भी तरह की धमकी से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वे हिंदुत्व के लिए अपना काम जारी रखेंगे, चाहे जो हो जाए। इस घटना ने राजनीतिक गलियारों में भी हलचल मचा दी है, जहां विभिन्न दलों के नेताओं ने इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

