बैंकों में अटके 259 मामले
बिजली की कमी के बीच जबलपुर जिले में सिंचाई के लिए सोलर कृषि पंप किसानों के लिए महत्वपूर्ण विकल्प बनकर उभरे हैं, लेकिन योजना की जटिल औपचारिकताओं के चलते पात्र किसान इसका लाभ नहीं ले पा रहे हैं। मध्य प्रदेश ऊर्जा विकास निगम द्वारा चयनित 259 किसानों के सोलर पंप स्थापना संबंधी प्रकरण बैंक में लंबित हैं। भारत कृषक समाज ने रबी सीजन से पहले इन बाधाओं को दूर कर किसानों के खेतों में सोलर पंप स्थापित कराने की मांग की है। योजना के तहत किसानों को कुल लागत की 10 राशि मार्जिन मनी के रूप में जमा करनी है, जबकि शेष 90 राशि बैंक से ऋण के रूप में स्वीकृत कराई जानी है, जिसका भुगतान शासन द्वारा किया जाएगा। कृषक समाज के अनुसार, किसानों ने 31 के पहले अपनी मार्जिन मनी जमा कर दी थी। इसके बावजूद बैंक और पोर्टल से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी न होने के कारण अनेक किसानों के प्रकरण अटके हुए हैं। भारत कृषक समाज के पदाधिकारियों ने ऊर्जा विकास निगम के अधिकारियों से चर्चा की और फिर किसानों को बैंक की औपचारिकताएं पूरी कराने व वेंडर एजेंसियों से समन्वय स्थापित करने का प्रयास किया। इसी सिलसिले में कृषक समाज के केके अग्रवाल, रामकिशन पटेल और व्ही.के. पंड्या ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की तिलवाराघाट शाखा के प्रबंधक शैलेन्द्र कुमार से मुलाकात कर लंबित प्रकरणों पर चर्चा की। शाखा प्रबंधक ने बताया कि किसानों के दस्तावेजों और ऑनलाइन विवरण में विसंगतियों के कारण ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। कई किसानों के आधार कार्ड और बैंक खातों में दर्ज नामों का मिलान नहीं हो रहा है, जिससे ओटीपी और डिजिटल सत्यापन में परेशानी आ रही है। किसानों को संबंधित बैंक शाखा में जाकर केवाईसी और सीआईएफ संबंधी विवरण दुरुस्त कराने की सलाह दी गई है।

