ग्वालियर की 220 केवी ट्रांसमिशन लाइन रमौआ डैम के बैकवॉटर क्षेत्र से सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट की गई, बिजली आपूर्ति निर्बाध
ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर ने बताया कि मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने ग्वालियर के रमौआ डैम के बैकवॉटर क्षेत्र के समीप से गुजरने वाली महत्वपूर्ण 220 केवी महलगांव (ग्वालियर)-दतिया ट्रांसमिशन लाइन की शिफ्टिंग का कार्य पूरा कर लिया है। यह ट्रांसमिशन लाइन रमौआ डैम के बैकवॉटर क्षेत्र के नजदीक होने के कारण मानसून के दौरान जलस्तर बढ़ने पर विद्युत लाइन के कंडक्टर पानी के संपर्क में आने की आशंका रहती थी, जिससे संभावित विद्युत व्यवधान का खतरा बना रहता था। इस गंभीर स्थिति को ध्यान में रखते हुए, लाइन को एक सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने का महत्वपूर्ण कार्य सफलतापूर्वक संपन्न किया गया है। ऊर्जा मंत्री तोमर ने इस सक्रिय पहल की सराहना करते हुए कहा कि एमपी ट्रांसको की इस पहल से मानसून के दौरान जलस्तर बढ़ने के कारण कंडक्टर के पानी के संपर्क में आने से उत्पन्न हो सकने वाले विद्युत व्यवधान की आशंका को प्रभावी ढंग से दूर करने में मदद मिली है। समय रहते पूरा किया गया यह कार्य ग्वालियर क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति को सुरक्षित और निर्बाध बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस परियोजना के पूरा होने से संबंधित ट्रांसमिशन लाइन की विश्वसनीयता में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता सुनिश्चित हुई है। मध्य प्रदेश के ट्रांसमिशन लाइन मेंटेनेंस के मुख्य अभियंता दीपक कुमार अग्रवाल ने इस कार्य का विस्तृत विवरण देते हुए बताया कि इस परियोजना के अंतर्गत पुरानी ट्रांसमिशन लाइन के 8 टावर हटाए गए, जिनकी कुल लंबाई 2.860 किलोमीटर थी। इन पुराने टावरों के स्थान पर 10 नए टावर स्थापित किए गए हैं, जिनसे 3.406 किलोमीटर लंबी एक नई और मजबूत ट्रांसमिशन लाइन तैयार की गई है। इस प्रकार, लाइन के मार्ग में आवश्यक बदलाव कर उसे डैम के बैकवॉटर क्षेत्र से उत्पन्न होने वाली संभावित समस्याओं से पूर्णतः सुरक्षित कर लिया गया है। यह कार्य न केवल वर्तमान सुरक्षा सुनिश्चित करता है, बल्कि भविष्य में होने वाली किसी भी प्रकार की तकनीकी खराबी या व्यवधान को भी रोकेगा।
