वनथी श्रीनिवासन समेत कई नाम चर्चा में, CM हाउस में कोर ग्रुप ने किया विचार-विमर्श
मुरुगन के इस्तीफे से खाली हुई मध्य प्रदेश की राज्यसभा सीट पर उपचुनाव की अधिसूचना जारी होने के साथ ही सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। सोमवार से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है, जिसके चलते भाजपा में प्रत्याशी के चयन को लेकर गहन मंथन चल रहा है। मुख्यमंत्री निवास पर हुई पार्टी के कोर ग्रुप की बैठक में संभावित नामों पर चर्चा की गई। संकेत हैं कि भाजपा इस सीट पर मध्य प्रदेश के बाहर के किसी नेता को मौका दे सकती है, जिसके चलते तमिलनाडु भाजपा की पूर्व विधायक वनथी श्रीनिवासन का नाम भी चर्चा में है। हालांकि, पार्टी ने अब तक प्रत्याशी के नाम का आधिकारिक ऐलान नहीं किया है। राज्यसभा उपचुनाव को लेकर मुख्यमंत्री निवास पर हुई भाजपा कोर ग्रुप की बैठक में 19 में से 16 सदस्य शामिल हुए थे। राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और आंध्रप्रदेश के प्रभारी अरविंद सिंह भदौरिया बैठक में शामिल नहीं हुए। बैठक में राज्यसभा सीट के लिए संभावित उम्मीदवारों के नामों पर विचार किया गया। पार्टी नेतृत्व की प्राथमिकता और संगठनात्मक समीकरणों के आधार पर प्रत्याशी का चयन होने की संभावना है। प्रदेश के नेताओं के नामों पर भी दावेदारी के लिए चर्चाएं हुईं। भाजपा में मध्य प्रदेश के नेताओं के नामों पर भी चर्चा चल रही है, जिनमें पूर्व मंत्री अरविंद भदौरिया, प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी, राष्ट्रीय मीडिया समन्वयक आशीष अग्रवाल, पूर्व उपाध्यक्ष विनोद गोटिया, प्रदेश उपाध्यक्ष शैलेंद्र बरुआ और पूर्व मंत्री रंजना बघेल के नाम शामिल हैं। हालांकि, दूसरे प्रदेश के नेता को मौका मिलने की संभावना के बीच स्थानीय दावेदारों की उम्मीदें पार्टी के अंतिम फैसले पर टिकी हैं। 229 विधायकों के वोट से चुनाव तय होगा। मध्य प्रदेश विधानसभा की 230 सीटों में से कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा मतदान में हिस्सा नहीं ले सकेंगे। ऐसे में चुनावी गणित 229 विधायकों के आधार पर देखा जा रहा है। राज्यसभा की एक सीट के लिए आवश्यक मतों का निर्धारण चुनावी नियमों के अनुसार तय होगा। बीना विधायक निर्मला सप्रे की स्थिति भी चुनावी गणित को प्रभावित कर सकती है। वह खुद को कांग्रेस में बताती हैं, लेकिन भाजपा के कार्यक्रमों में भी नजर आती रही हैं। उनके दलबदल से जुड़ा मामला भी चर्चा में है। ऐसे में मतदान के दौरान उनकी भूमिका और दोनों दलों की प्रभावी संख्या महत्वपूर्ण होगी। केंद्रीय मंत्री एल। मुरुगन अप्रैल 2024 में मध्य प्रदेश से राज्यसभा सदस्य निर्वाचित हुए थे। उनका कार्यकाल अप्रैल 2030 तक था, लेकिन इस्तीफे के बाद यह सीट रिक्त हो गई। अब उपचुनाव में भाजपा के प्रत्याशी के चयन और चुनावी समीकरणों पर सबकी नजर है। नामांकन प्रक्रिया सोमवार से शुरू होकर 26 अक्टूबर तक चलेगी।
