मध्य प्रदेश में पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती के अवसर पर विकासखंड स्तरीय कार्यशाला एवं विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य एकात्म मानव दर्शन की अवधारणा को समझाना और इसके माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाना था। कार्यक्रम में उपाध्यक्ष मोहन नागर ने कहा कि भारतीय चिंतन में विकास का अर्थ केवल आर्थिक उन्नति नहीं है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विकास ऐसा होना चाहिए जिसमें सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक चेतना, पर्यावरण संरक्षण और अंतिम व्यक्ति का कल्याण शामिल हो। मोहन नागर ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के एकात्म मानव दर्शन को विस्तार से समझाते हुए कहा कि यह दर्शन व्यक्ति को आर्थिक इकाई के रूप में नहीं देखता, बल्कि उसके समग्र विकास की बात करता है। उन्होंने युवाओं को आह्वान करते हुए कहा कि उनके विचार केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं रहने चाहिए। कार्यशाला के दौरान पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के विचारों पर आधारित विचार-विमर्श किया गया। जिला समन्वयक संतोष सिंह राजपूत ने बताया कि प्रतिभागियों ने उनके विचारों को आत्मसात करते हुए समाजहित में निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में उपाध्यक्ष मोहन नागर के साथ अन्य उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों में नवांकुर समितियों के प्रमुख, ग्राम विकास प्रस्फुटन समितियों के कार्यकर्ता और मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास पाठ्यक्रम के विद्यार्थी शामिल रहे। इस अवसर पर सेवा संकल्प अभियान के तहत एक आँवले के पौधे का रोपण भी किया गया।
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पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती मनाई गई
28 सितंबर 2026 को 12:49 am बजे

पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती मनाई गई
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