आरटीओ ने भोपाल में अवैध टैक्सी पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है
भोपाल में अवैध टैक्सी संचालन पर क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय ने सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है। आरटीओ ने 10000 से ज्यादा निजी वाहनों पर रोक लगाने के लिए नोटिस जारी किया है, जिनका उपयोग टैक्सी के रूप में किया जा रहा है। इन वाहनों के मालिक टैक्सी कोटे में रजिस्ट्रेशन कराने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं, जिससे यह समस्या बढ़ती जा रही है। शहर में वर्तमान में करीब 20000 से ज्यादा निजी वाहन कमर्शियल टैक्सी या फूड सप्लाई के लिए चलाए जा रहे हैं। इनमें ओला, उबर, रैपिडो जैसी टैक्सी कंपनियां और स्विगी, जोमैटो जैसी फूड सप्लाई कंपनियां शामिल हैं। परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नोटिस की अवधि खत्म होने के बाद ऐसे वाहनों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। पिछले महीने, परिवहन विभाग ने एग्रीगेटर कंपनियों को नोटिस जारी कर उन वाहनों को कमर्शियल कोटे में रजिस्ट्रेशन कराने के निर्देश दिए थे। कंपनियों को एक महीने का समय दिया गया था, जो अब समाप्त होने वाला है। अधिकारियों ने साफ किया है कि यदि निजी वाहन कमर्शियल रूप से चलते पाए गए, तो उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। आंकड़ों के अनुसार, भोपाल में चार पहिया वाहनों की संख्या 2000 से 3000 के बीच है, जो कमर्शियल कोटे में रजिस्ट्रेड नहीं हैं। इसके बावजूद, ये वाहन निजी कंपनियों द्वारा टैक्सी के रूप में चलाए जा रहे हैं। इससे न केवल यातायात में अव्यवस्था उत्पन्न हो रही है, बल्कि कानून के उल्लंघन का भी मामला बन रहा है। इस स्थिति पर टैक्सी यूनियनों ने भी आवाज उठाई थी। ऐसे आवेदनों की संख्या 100 से भी कम है, जो यह दर्शाता है कि वाहन मालिकों में रजिस्ट्रेशन कराने की कोई रुचि नहीं है।

