तीन सूत्रीय मांगों को लेकर 22 अक्टूबर से हड़ताल पर बैठे हैं, जिम्मेदार नहीं मिले
मध्य प्रदेश के कोटवारों ने अपनी मांगों को लेकर सोमवार को टाउन हॉल के सामने अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया। उन्होंने तीन सूत्रीय मांगों को लेकर काम बंद हड़ताल कर दी है। कोटवारों ने प्रशासनिक अधिकारियों और जन प्रतिनिधियों के बेरुखी भरे व्यवहार पर भी गहरा आक्रोश व्यक्त किया। मध्य प्रदेश आजाद कोटवार कर्मचारी संघ के आह्वान पर 22 अक्टूबर से यह हड़ताल जारी है, लेकिन अब तक कोई भी जिम्मेदार अधिकारी उनसे मिलने नहीं पहुंचा है। जिला मुख्यालय स्थित टाउन हॉल के पास कोटवार काम बंद करके धरने पर बैठे हैं। मध्य प्रदेश आजाद कर्मचारी कोटवार संघ के सीहोर जिला अध्यक्ष छगनलाल मालवीय ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कोटवारों की सभी मांगे पूरी करने का वादा किया था। शिवराज सिंह चौहान ने कोटवारों को पुलिस जैसी वर्दी देकर सम्मानित भी किया था और मामूली वेतन वृद्धि भी की थी। मालवीय ने कहा कि वर्तमान मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव कोटवारों की कोई भी बात सुनने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वर्दी के लिए पैसा नहीं दिया जा रहा है और जो वर्दी उपलब्ध कराई गई है, वह पहनने लायक भी नहीं है। मालवीय ने कहा कि वर्तमान सरकार उन्हें ऐसी खराब वर्दी पहनाकर मजाक बनाना चाहती है। कोटवारों की मुख्य मांगों में लंबे समय से सेवाभूमि का मालिक बनाना, उन्हें सरकारी कर्मचारी घोषित करना और वर्दी की राशि सीधे उनके बैंक खाते में जमा करना शामिल है। सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने के लिए कोटवारों को मजबूरन अर्धनग्न होकर प्रदर्शन करना पड़ रहा है। यह स्थिति उनकी निराशा और हताशा को दर्शाती है। कोटवारों की हड़ताल का व्यापक असर देखा जा रहा है। किसानों के सीमांकन, बटवारा और कब्जा दिलाने जैसे महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इसके अलावा, कोटवारों के माध्यम से किसानों को भेजी जाने वाली सूचनाओं का आदान-प्रदान भी पूरी तरह बंद हो गया है। राजस्व विभाग के कई आवश्यक कार्य कोटवारों के सहयोग के बिना संपन्न नहीं हो पा रहे हैं, जिससे प्रशासनिक कामकाज में बाधा आ रही है। शासन-प्रशासन के विभिन्न विभागों द्वारा कोटवारों से नियमित रूप से कई तरह के कार्य लिए जाते हैं। उनकी हड़ताल के कारण इन सभी कार्यों पर बुरी तरह असर पड़ रहा है। इससे न केवल सरकारी कामकाज प्रभावित हो रहा है, बल्कि आम जनता को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मध्य प्रदेश आजाद कोटवार कर्मचारी संघ के आह्वान पर पूरे प्रदेश में कोटवारों द्वारा की जा रही हड़ताल के तहत सीहोर जिले के 1000 से अधिक कोटवार भी 28 अक्टूबर तक अपनी हड़ताल जारी रखेंगे।
