विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने रीवा के सरई गांव में प्रस्तावित परमाणु बिजलीघर का विरोध करते हुए प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। भोपाल स्थित अपने सरकारी आवास पर सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सरकार कैंसर फैलाने के लिए यह पावर प्लांट लगाना चाहती है और क्या आसपास के लोगों को मारना चाहती है। सिंघार ने परियोजना की साइट बदलने की मांग की और आरोप लगाया कि इसके लिए गरीब आदिवासियों, दलितों और किसानों को उजाड़ा जा रहा है। उनके अनुसार, प्रस्तावित बिजलीघर के लिए सरकारी जमीन के अलावा करीब 150 हेक्टेयर निजी जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। ग्रामीण लंबे समय से जल सत्याग्रह कर रहे हैं, लेकिन उनकी आवाज अनसुनी की जा रही है। सिंघार ने कलेक्टर पर ग्रामीणों को हटाने की धमकी देने का भी आरोप लगाया। उन्होंने बिजलीघर के लिए बोरिंग की अनुमति से जुड़े पत्र पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार पंचायत की अनुमति मिलने का दावा कर रही है, जबकि ग्रामसभा ने अनुमति देने से साफ इनकार कर दिया है। सिंघार ने बताया कि सरपंच कोमल संजय सिंह ने आयुक्त और कलेक्टर को पत्र लिखकर संबंधित दस्तावेज को फर्जी बताया है। जल सत्याग्रह के दौरान विमला कोल की मौत का मुद्दा उठाते हुए सिंघार ने उनके परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की।
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सिंघार का रीवा परमाणु प्लांट पर विरोध, कैंसर फैलने की आशंका
26 अक्टूबर 2026 को 11:48 pm बजे
सिंघार का रीवा परमाणु प्लांट पर विरोध, कैंसर फैलने की आशंका
