भोपाल में लेबर इंस्पेक्टर की परीक्षा देने आए 27 वर्षीय पवन बामनिया की बैरागढ़ स्थित डेल्टा होटल में मौत हो गई। पवन ने अपने कमरे में एक सुसाइड नोट छोड़ा, जिसमें उसने बार-बार असफल होने और हताशा के अनुभवों का जिक्र किया। उसने लिखा कि उसे जिंदगी में असफलता, हताशा, अकेलापन और चिंता ही मिली। उसके कमरे से न तो एडमिट कार्ड मिला है और न ही परीक्षा का पर्चा, जिससे यह स्पष्ट नहीं हो सका कि वह 26 सितंबर को आयोजित परीक्षा में शामिल हुआ था या नहीं। पवन उज्जैन के शिप्रा विहार कॉलोनी का रहने वाला था। लंबे समय से वह सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहा था, और उसके परिवार के सदस्य भी सरकारी सेवा में हैं। उसके बड़े भाई टीएस बामनिया ने बताया कि पवन के पिता भी सरकारी नौकरी में हैं। पवन की इस स्थिति का उसके परिवार पर गहरा असर पड़ा है, और परिजनों का कहना है कि इसी तनाव और मानसिक परेशानी के चलते उसने यह कदम उठाया हो सकता है। पवन ने नोट में अपने परिवार से माफी मांगी और उन्हें धन्यवाद दिया। उसने लिखा कि उसका परिवार उसके जीवन में खुशियों का स्रोत रहा है, लेकिन वह अपनी जिम्मेदारियों को पूरा नहीं कर सका। रविवार को परिजन की मौजूदगी में पंचनामा कार्रवाई के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस को कमरे से सुसाइड नोट, मोबाइल फोन और अन्य सामान मिला है। नोट में उसने सरकारी नौकरी को अपना सपना और जीवन का आधार बताया।
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पवन बामनिया की मौत से परिवार में दुख का माहौल
28 सितंबर 2026 को 12:49 am बजे

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