राजधानी भोपाल के होटलों, लॉज और धर्मशालाओं में गलत नाम-पते या फर्जी पहचान-पत्र के सहारे ठहरने वाले लोगों की पहचान करना अब आसान हो जाएगा। भोपाल पुलिस मेहमानों के सत्यापन के लिए 'अतिथि ऐप' आधारित व्यवस्था शुरू करने की तैयारी कर रही है। इस व्यवस्था के तहत होटलों और ठहरने के अन्य स्थानों पर विशेष बारकोड उपलब्ध कराया जाएगा, जिसे मेहमान को अपने मोबाइल से स्कैन करना होगा। इस बारकोड के माध्यम से आधार का ऑफलाइन सत्यापन करने की व्यवस्था प्रस्तावित है, जिसका मुख्य उद्देश्य पहचान-पत्रों की प्रामाणिकता जांचना और गलत पहचान के सहारे ठहरने वाले लोगों का पता लगाना है। फिलहाल होटल संचालक मेहमानों से पहचान-पत्र लेकर उनके विवरण दर्ज करते हैं, लेकिन केवल दस्तावेज की प्रति रख लेने से यह सुनिश्चित नहीं होता कि इस्तेमाल किया गया पहचान-पत्र वास्तविक है या उसमें दी गई जानकारी सही है। नई व्यवस्था में बारकोड के जरिए सत्यापन की प्रक्रिया अपनाने से पहचान-पत्र की जांच में मदद मिलेगी और फर्जी दस्तावेज के सहारे ठहरने के मामलों को पकडऩा आसान हो सकेगा। होटल में ठहरने वाले व्यक्ति की पहचान जरूरत पडऩे पर पुलिस जांच का अहम हिस्सा होती है। अगर कोई आरोपी गलत नाम या फर्जी दस्तावेज के सहारे ठहरता है, तो उसकी तलाश में पुलिस को अतिरिक्त समय लग सकता है। भोपाल में सामने आए ऐसे मामलों ने भी डिजिटल सत्यापन की जरूरत को चर्चा में ला दिया है। इस व्यवस्था की शुरुआत प्रायोगिक तौर पर एमपी नगर थाना क्षेत्र से की जाएगी। यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहा तो इसे शहर के दूसरे इलाकों में भी लागू किया जा सकता है। अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर शैलेंद्र सिंह के मुताबिक, शुरुआती चरण में व्यवस्था की उपयोगिता, तकनीकी दिक्कतों और होटल संचालकों को होने वाली परेशानियों का आकलन किया जाएगा। इसके बाद जरूरी बदलाव कर इसे दूसरे थाना क्षेत्रों तक बढ़ाने पर फैसला लिया जा सकता है।
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होटलों में पहचान का सत्यापन होगा
26 अक्टूबर 2026 को 11:48 pm बजे
