तीन क्लीनिकों पर कार्रवाई, दवाइयां जब्त की गईं
अवैध चिकित्सा सेवा देने वाले डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है
दमोह में बटियागढ़ ब्लॉक के फुटेरा कला गांव में एक गंभीर घटना सामने आई है। झोलाछाप डॉक्टरों के क्लीनिक पर कार्रवाई की गई, जिसमें एक मरीज की मौत के बाद परिजनों ने शिकायत की थी। यह मामला स्वास्थ्य विभाग के लिए एक चुनौती बन गया है। मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया कि झोलाछाप के गलत इलाज के कारण मरीज की जान गई। इसके बाद उन्होंने पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की। यह घटना इलाके में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर सवाल उठाती है। शनिवार दोपहर तहसीलदार योगेंद्र चौधरी की अगुवाई में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कार्रवाई की। टीम ने एक झोलाछाप के क्लीनिक को सील कर दिया। इस कार्रवाई के दौरान तीन क्लीनिकों से भारी मात्रा में दवाइयां भी जब्त की गईं। इस कार्रवाई में बबलू बैरागी नामक एक का क्लीनिक शामिल था, जो बिना किसी मेडिकल डिग्री के इलाज कर रहा था। स्वास्थ्य विभाग ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कार्रवाई की। पुलिस और प्रशासन ने मामले की आगे की जांच शुरू कर दी है। दो अन्य क्लीनिकों की भी जांच की गई, जहां बिना डिग्री के दवाइयां बेची जा रही थीं। यह स्थिति स्वास्थ्य सेवाओं की अनियमितता को उजागर करती है। इस तरह की घटनाएं समाज में स्वास्थ्य सेवाओं की विश्वसनीयता को प्रभावित करती हैं। झोलाछाप डॉक्टरों की बढ़ती संख्या से मरीजों की जान को खतरा होता है। ऐसे में सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है। दमोह में झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ यह कार्रवाई एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस तरह की गतिविधियों को सहन नहीं किया जाएगा। इस मामले में शिकायत के बाद ही कार्रवाई की गई। आगामी दिनों में स्वास्थ्य विभाग इस मुद्दे पर और ध्यान देगा। झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ सख्त नियम लागू किए जाने की संभावना है। स्थानीय लोगों ने इस कार्रवाई का स्वागत किया है।
