उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, समयबद्ध क्रियान्वयन और अधोसंरचना विकास में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने जोर दिया कि सक्षम स्वीकृति प्राप्त होने के बाद कार्यों को समय-सीमा में पूरा किया जाए और जहां भी अनावश्यक विलंब पाया जाए, वहां संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी निर्धारित कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। शुक्ल विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन, स्वास्थ्य अधोसंरचना के विकास, चिकित्सा सेवाओं के सुदृढ़ीकरण, विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता तथा अस्पतालों के प्रबंधन से संबंधित कार्यों की प्रगति की जानकारी ले रहे थे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वीकृत कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाए और जनसामान्य को समय पर सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। बैठक में कैबिनेट द्वारा अनुमोदित नवीन एवं उन्नयित स्वास्थ्य संस्थानों के निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी दी गई। प्रशासनिक अनुमोदन जारी होने के बाद 71 स्वास्थ्य संस्थानों में से 29 नवीन स्वास्थ्य संस्थानों के निर्माण के लिए शीघ्र टेंडर प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य प्रारंभ किए जाने की कार्यवाही की जाएगी। शेष 42 स्वास्थ्य संस्थानों में उन्नयन कार्य किए जाने हैं। इनमें से 22 संस्थानों के उन्नयन का कार्य पीआईयू तथा 20 संस्थानों के उन्नयन का कार्य मध्य प्रदेश बिल्डिंग डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एमपीबीडीसी) द्वारा किया जाना है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने निर्माण एजेंसियों से संबंधित कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी आवश्यक प्रक्रियाएं समयबद्ध रूप से पूरी की जाएं और निर्माण एवं उन्नयन कार्यों की नियमित निगरानी की जाए। चिकित्सा अधिकारी एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों की भर्ती प्रक्रिया में प्रतीक्षा सूची से चयन की कार्यवाही की भी समीक्षा की गई।
स्वास्थ्य सेवाओं के उन्नयन पर हुई चर्चा
71 स्वास्थ्य संस्थानों के उन्नयन पर जोर
इसके अतिरिक्त रीवा, ग्वालियर एवं जबलपुर मेडिकल कॉलेजों के उन्नयन से संबंधित प्रकरणों पर भी विचार-विमर्श किया गया। इन प्रस्तावों का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं के संस्थागत ढांचे को सुदृढ़ करना, मानव संसाधन की उपलब्धता बढ़ाना और प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करना है। संबंधित प्रस्तावों को आवश्यक प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए अधोसंरचना विकास, चिकित्सकीय मानव संसाधन की उपलब्धता और सेवा प्रदायगी की प्रभावी निगरानी पर समान रूप से ध्यान देना आवश्यक है। सभी संबंधित अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए स्वीकृत योजनाओं और प्रस्तावित कार्यों को समयबद्ध रूप से आगे बढ़ाएं।
