नरवाई प्रबंधन के तहत कम्बाइन हार्वेस्टर में स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम (SMS) को जांचने के लिए मैदानी अमले को विशेष प्रशिक्षण दिया गया। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रशिक्षण का उद्देश्य पराली जलाने से होने वाले नुकसान को रोकना और मिट्टी की उर्वरा शक्ति को बनाए रखना है। यह प्रशिक्षण सहायक कृषि यंत्री, दमोह द्वारा मैदानी अमले, वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी, पटवारी, पंचायत सचिव व रोजगार सहायक को प्रदान किया गया। प्रशिक्षण में अमले को विस्तार से समझाया गया कि कम्बाइन हार्वेस्टर में SMS मशीन कैसे काम करती है, यह हार्वेस्टर में किस स्थान पर लगी होती है, इसका स्वरूप कैसा होता है और यह किस प्रकार कार्य करती है। इस प्रणाली के सही संचालन से पराली का प्रबंधन प्रभावी ढंग से किया जा सकता है, जिससे पर्यावरण संरक्षण और मिट्टी के स्वास्थ्य में सुधार सुनिश्चित होता है। प्रशिक्षण के दौरान अमले को यह भी बताया गया कि यदि हार्वेस्टर में SMS सिस्टम नहीं लगा होता है, तो यह पराली को साबुत निकालकर खेत में गिरा देता है। इसके परिणामस्वरूप, किसान अक्सर पराली को आग लगा देते हैं, जिससे जमीन की उर्वरा शक्ति तेजी से कम होती है, भूमि बंजर होने लगती है और विभिन्न प्रकार की बीमारियां फैलती हैं। यह एक गंभीर पर्यावरणीय समस्या है जिसके दीर्घकालिक दुष्परिणाम होते हैं। पराली जलाने से वायु प्रदूषण भी बढ़ता है, जो मानव स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक है। इससे मिट्टी में मौजूद आवश्यक पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं, जिससे अगली फसल के उत्पादन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसके विपरीत, यदि हार्वेस्टर में SMS सिस्टम लगा रहता है, तो यह पराली को बारीक टुकड़ों में काटकर खेत में फैला देता है।
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पराली जलाने से रोकने को मैदानी अमले को एसएमएस मशीन जांचने का विशेष प्रशिक्षण
26 अक्टूबर 2026 को 11:48 pm बजे
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