मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू करने की पहल की गई
भोपाल में मुख्यमंत्री यादव ने स्व. अशोक सिंहल के जन्म शताब्दी समारोह का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में एक राष्ट्र, एक विधान, एक निशान की अवधारणा को जमीन पर उतारते हुए समान नागरिक संहिता लागू करने की पहल की गई है। यह कदम समाज में एकता और समानता को बढ़ावा देगा। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि स्व. अशोक सिंहल की सेवाएं हमेशा याद रखी जाएंगी। विश्व हिंदू परिषद के शीर्ष नेता और सामाजिक समरसता के प्रतीक रहे सिंहल के योगदान को राज्य सरकार मान्यता देगी। सरकार उनके जन्म शताब्दी वर्ष के आयोजन और सामाजिक समरसता कार्यक्रम में सहयोग करेगी। सामाजिक समरसता कार्यक्रम में सभी समुदायों का व्यापक समर्थन मिला है। यह कार्यक्रम मध्य प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित किया जा रहा है, जिससे विभिन्न सामाजिक विसंगतियों से जूझते समय में एकता का संदेश फैलाया जा सके। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि किसानों और पशुपालकों को इस समृद्धि का लाभ मिलेगा। गौशालाओं को सहयोग, उन्नत नस्ल की बछिया देने की योजना है, जिससे दूध उत्पादन में वृद्धि हो सके। मथुरा में भगवान श्रीकृष्ण मुस्कराएंगे, यह बात मुख्यमंत्री ने कही। उन्होंने बताया कि प्रदेश में घर-घर गोपाल का विचार भी लोकप्रिय हो रहा है। इसके तहत गोवंश संरक्षण का कार्य पंचायत स्तर तक किया जा रहा है। स्व. अशोक सिंहल ने जब राष्ट्र में एकात्मकता के भाव को सशक्त बनाने के ठोस प्रयास किए, तब समाज में समरसता का वातावरण बनाने की आवश्यकता थी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भी राष्ट्रसेवा और सुशासन के लिए आशीर्वाद दिया था। जन्माष्टमी और गोवर्धन जयंती जैसे तीज-त्यौहार प्रदेश में मिलजुल कर मनाए जा रहे हैं। यह सामाजिक सद्भाव का प्रतीक है, जो विभिन्न समुदायों के बीच एकता को दर्शाता है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संगठनों के पदाधिकारी और नागरिक उपस्थित थे। रामप्रवेश देवाचार्य महाराज, सुदेश शांडिल्य महाराज और अन्य प्रमुख नेताओं ने भी इस अवसर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में प्रतिवर्ष उन्नत नस्ल की देसी बछिया वितरित करने का लक्ष्य है।

