मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बहुचर्चित ट्विशा शर्मा केस में आरोपी सास गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। सोमवार को कोर्ट में गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका पर अंतिम बहस हुई। इस दौरान गिरिबाला सिंह के वकीलों ने सीबीआई की चार्जशीट में शामिल बिंदुओं पर जवाब प्रस्तुत किए, जिसके बाद सीबीआई ने अपना पक्ष रखा। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद गिरिबाला की जमानत पर फैसला सुरक्षित रखा है। जस्टिस अजय निरंकारी की कोर्ट में करीब 6 घंटे चली सुनवाई के दौरान ट्विशा शर्मा केस में आरोपी गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका पर दोनों ही पक्षों के वकीलों ने अपनी दलीलें पेश कीं। पहले गिरिबाला सिंह के वकीलों ने सीबीआई की चार्जशीट में शामिल बिंदुओं पर जवाब पेश किए और इसके बाद सीबीआई के वकील ने अपनी दलीलें प्रस्तुत कीं। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रखा है। यह मामला तब और उलझ गया जब गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह पर सबूत नष्ट करने के आरोप लगे। आरोप है कि उन्होंने काफी समय तक न्यायिक अधिकारियों और पुलिस के बड़े अफसरों को फोन लगाकर मामले को प्रभावित करने का प्रयास किया। ट्विशा के परिवार और ससुराल पक्ष के आरोपों-प्रत्यारोपों के बीच करीब 12 दिन तक ट्विशा का शव एम्स की मार्चुरी में रखा रहा। बता दें कि सीबीआई ने अपनी जांच में आरोप लगाया है कि सास गिरिबाला सिंह और पति समर्थ सिंह दहेज के लिए ट्विशा को मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे। नोएडा की रहने वाली ट्विशा की शादी दिसंबर 2025 में भोपाल की पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह के वकील बेटे समर्थ सिंह के साथ हुई थी। महज चंद माह बाद ही 12 मई 2026 की रात को ट्विशा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। गिरिबाला और समर्थ सिंह रात को ही एम्स भोपाल लेकर पहुंचे, जहां ट्विशा को मृत घोषित कर दिया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए, बाद में 25 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः मामले पर संज्ञान लिया। इसके बाद राज्य सरकार ने जांच सीबीआई को सौंपी थी। सीबीआई की जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर ही कोर्ट में जमानत याचिका पर सुनवाई चल रही है। गिरिबाला सिंह के वकीलों ने कोर्ट में सीबीआई की चार्जशीट में शामिल बिंदुओं पर जवाब पेश किए। उन्होंने यह बताने का प्रयास किया कि चार्जशीट में लगाए गए आरोप निराधार हैं और उनकी मुवक्किल को जमानत मिलनी चाहिए। दूसरी ओर, सीबीआई के वकील ने गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका का पुरजोर विरोध किया। उन्होंने कोर्ट को बताया कि जांच में मिले सबूतों के आधार पर गिरिबाला सिंह ट्विशा को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और दहेज के लिए परेशान करने की दोषी हैं। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलों को ध्यानपूर्वक सुना और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब इस फैसले का इंतजार है कि क्या गिरिबाला सिंह को जमानत मिलेगी या उन्हें जेल में ही रहना होगा। यह मामला मध्य प्रदेश के बहुचर्चित मामलों में से एक है और पूरे प्रदेश की निगाहें इस पर टिकी हुई हैं। ट्विशा शर्मा की मौत के बाद से ही यह केस चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसमें अब हाईकोर्ट के फैसले का इंतजार है।
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ट्विशा केस: आरोपी सास गिरिबाला की जमानत पर फैसला सुरक्षित
26 अक्टूबर 2026 को 11:48 pm बजे

ट्विशा केस: आरोपी सास गिरिबाला की जमानत पर फैसला सुरक्षित
