सीलिंग के कारण व्यापारियों में चिंता का माहौल है
भोपाल में हजारों दुकानों पर सीलिंग की तलवार लटकी हुई है। मध्य प्रदेश की राजधानी में प्रस्तावित मास्टर प्लान के तहत यह स्थिति उत्पन्न हुई है। सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि मास्टर प्लान की मंजूरी के बाद ही यह लागू होगा। वर्तमान में, सीलिंग के कारण व्यापारियों में चिंता का माहौल है। मास्टर प्लान का ड्राफ्ट हाल ही में जारी किया गया है, जिसमें आवासीय क्षेत्रों में कमर्शियल गतिविधियों को वैध करने के प्रावधान शामिल हैं। हालांकि, यह स्पष्ट किया गया है कि सीलिंग कार्रवाई जारी रहेगी और व्यापारियों को राहत नहीं मिलेगी। सीलिंग से प्रभावित व्यापारियों को इस नए ड्राफ्ट से कोई राहत नहीं मिलेगी। इसके साथ ही, आवासीय परिसरों में कमर्शियल निर्माणों को नियमित करने का रास्ता खोला गया है। यह कदम व्यापारियों के लिए कुछ उम्मीदें लेकर आया है, लेकिन सीलिंग की तलवार अभी भी सिर पर लटकी हुई है। भोपाल विकास योजना के ड्राफ्ट में यह भी कहा गया है कि कॉलोनी के आंतरिक मार्ग पर ही दुकानें स्थित होंगी। इस शर्त के साथ, आवासीय क्षेत्रों में कमर्शियल गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख इस प्रक्रिया में बाधा डाल सकता है। सीलिंग के मुद्दे पर CM मोहन यादव ने कहा कि यह मास्टर प्लान भोपाल की प्राकृतिक धरोहर और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के उद्देश्य से बनाया गया है। उन्होंने नागरिकों के लिए सुगम मोबिलिटी और आर्थिक विकास के अवसर उपलब्ध कराने की बात की। सीलिंग से राहत पाने के लिए व्यापारियों ने अपनी चिंताओं को व्यक्त किया है।
