प्रधानमंत्री के 2 अक्टूबर के खादी अपनाने के आह्वान से कलाकारों को मिला प्रोत्साहन
नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लाल सिंह आर्य ने स्वदेशी मेलों के माध्यम से देशभर के छोटे उद्यमियों और शिल्पकारों को स्वावलंबी बनने के अवसर मिलने की बात कही है। उन्होंने कहा कि ये मंच राष्ट्रसेवा का कार्य कर रहे हैं और इनके प्रयासों से हजारों लोगों को रोजगार तथा आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का मौका मिल रहा है। आर्य ने विशेष रूप से प्रधानमंत्री के 2 अक्टूबर को खादी अपनाने के आह्वान को रेखांकित किया, जो महात्मा गांधी के विचारों के अनुरूप है। इस आह्वान ने छोटे कलाकारों और शिल्पकारों को न केवल प्रोत्साहन दिया है, बल्कि उनके आत्मविश्वास को भी बढ़ाया है। लाल सिंह आर्य ने इस बात पर जोर दिया कि दैनिक जीवन में छोटे-छोटे बदलाव लाकर भी देश में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यदि आम नागरिक छोटे कलाकारों द्वारा बनाई गई वस्तुओं को खरीदते हैं, तो उन्हें आर्थिक संबल मिलेगा। हाथ से बनी कलाकृतियों की अपनी एक अनूठी पहचान होती है और उन्हें महत्व देने से इन कलाकारों का मनोबल बढ़ता है। उन्होंने आगे कहा कि छोटे कलाकारों को सम्मानित करना और उनकी बनाई वस्तुओं को खरीदने से न केवल उनका मनोबल बढ़ता है, बल्कि देश की आर्थिक मजबूती में उनके योगदान को भी सामने लाता है। यह प्रक्रिया उन्हें अपनी कला को जारी रखने और उसे बेहतर बनाने के लिए प्रेरित करती है। स्वदेशी मेलों का आयोजन छोटे उत्पादकों और उपभोक्ताओं के बीच एक सेतु का काम करता है। ये मेले पारंपरिक कलाओं और शिल्पों को जीवित रखने के साथ-साथ उन्हें बाजार तक पहुंचाने का एक प्रभावी माध्यम हैं। ऐसे आयोजनों से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलता है। लाल सिंह आर्य ने कार्यक्रम में उपस्थित अन्य पदाधिकारियों का भी धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों की सफलता में सभी कार्यकर्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान होता है। यह सामूहिक प्रयास ही छोटे उद्यमियों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने बताया कि स्वदेशी जागरण मंच जैसे संगठन इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
