श्रद्धालुओं को रेलवे क्रॉसिंग के जाम से मिलेगी निजात, 400 मीटर लंबी टनल पर 95 करोड़ खर्च
उज्जैन में हरिफाटक ब्रिज के पास बन रही महाकाल टनल का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। यह अंडरग्राउंड टनल 400 मीटर लंबी होगी और इसके निर्माण पर 95 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। निर्माण एजेंसी का लक्ष्य अगली बारिश से पहले इस महत्वपूर्ण परियोजना को पूरा करना है। यह टनल जयसिंहपुरा से चारधाम मंदिर और नृसिंह घाट की ओर जाने वाले मार्ग पर रेलवे क्रॉसिंग की समस्या को दूर करेगी, जहाँ ट्रेनों के गुजरने के दौरान यातायात को रोकना पड़ता है, जिससे वाहन चालकों और श्रद्धालुओं को काफी इंतजार करना पड़ता है। इस अंडरपास का निर्माण रेलवे ट्रैक के नीचे से त्रिवेणी संग्रहालय मार्ग की ओर किया जा रहा है। इसके पूरा होने के बाद, ट्रेनों की आवाजाही के बावजूद श्रद्धालु और वाहन चालक बिना किसी बाधा के इस मार्ग का उपयोग कर सकेंगे। इससे हरिफाटक चौराहे पर लगने वाले जाम और लोगों को होने वाली परेशानी से निजात मिलेगी। परियोजना के पूरा होने पर हरिफाटक चौराहे से महाकाल लोक तक की यात्रा में केवल 5 मिनट लगेंगे, जिससे समय की काफी बचत होगी। सिंहस्थ जैसे बड़े आयोजनों को ध्यान में रखते हुए, यह मार्ग श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुगम बनाने में अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगा। सिंहस्थ के दौरान भारी संख्या में श्रद्धालु महाकाल लोक और महाकाल मंदिर के दर्शन के लिए पहुंचते हैं, और यह टनल उनके लिए एक सुगम और तेज मार्ग प्रदान करेगी। आम दिनों में भी, महाकाल लोक और महाकाल दर्शन के लिए आने वाले दर्शनार्थियों की संख्या प्रतिदिन 80 हजार से 1 लाख तक पहुँच जाती है, जिसे देखते हुए इस टनल का महत्व और भी बढ़ जाता है। यह परियोजना न केवल सिंहस्थ के दौरान बल्कि उसके बाद भी शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में सहायक सिद्ध होगी। वर्तमान में, शहर में आम दिनों में भी भक्तों की भारी भीड़ देखी जाती है, जो महाकाल लोक और महाकाल मंदिर में दर्शन के लिए आते हैं। इस भीड़ के प्रबंधन और सुगम आवागमन के लिए यह टनल एक बड़ी राहत प्रदान करेगी।
हरिफाटक ब्रिज के नीचे बन रहा अंडरपास
इस टनल के बनने से इन समस्याओं का समाधान हो जाएगा। शहर के विकास और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए, इस परियोजना को प्राथमिकता दी गई है। प्रशासन यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा हो जाए ताकि अगली बारिश से पहले इसे जनता के लिए खोल दिया जा सके। यह अंडरपास उज्जैन के लिए एक महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजना है, जो शहर की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने और पर्यटन को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाएगी। इसके पूरा होने से शहर में आवागमन सुगम होगा और यह भविष्य में भी शहर के विकास में योगदान देगा।

