म्याना थाना पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर हाईवे पर कार्रवाई करते हुए ट्रक से विभिन्न प्रकार की आतिशबाजी के 16 कार्टून बरामद किए
म्याना थाना पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर एक ट्रक से अवैध आतिशबाजी से भरे 16 कार्टून जब्त किए हैं। यह ट्रक किराने और प्लास्टिक पाइप के बीच छिपाकर ले जाया जा रहा था। चालक वैध लाइसेंस और दस्तावेज पेश नहीं कर सका। पुलिस ने जब्त की गई आतिशबाजी और ट्रक को मिलाकर करीब 30 लाख रुपये का माल जब्त किया है। आरोपी चालक पवन जोशी के खिलाफ विस्फोटक अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस को 25 अक्टूबर 2026 की शाम को सूचना मिली थी कि एक ट्रक, जिसका क्रमांक एमपी09 एचजी 9741 है, अवैध रूप से आतिशबाजी भरकर बदरवास से गुना की ओर ले जाया जा रहा है। इस सूचना पर पुलिस टीम ने तुरंत हाईवे पर निगरानी शुरू की। कुछ देर बाद एक संदिग्ध ट्रक दिखाई दिया, जिसे रोककर तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान, ट्रक में किराने का सामान और प्लास्टिक पाइप पाए गए। हालांकि, पीछे की ओर इन सामानों के बीच आतिशबाजी के कार्टून छिपाए गए थे। ट्रक चालक ने पूछताछ में अपना नाम पवन जोशी (40) बताया, जो ग्राम चितारा, थाना बदरवास, जिला शिवपुरी का रहने वाला है। ट्रक से कुल 16 कार्टून बरामद हुए, जिन पर नवाब खां, बदरवास और विभिन्न प्रकार की आतिशबाजी से संबंधित नाम लिखे थे। पुलिस ने जब चालक से आतिशबाजी के लाइसेंस और परिवहन संबंधी दस्तावेज मांगे, तो वह मौके पर कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इस कारण पुलिस ने बरामद आतिशबाजी और परिवहन में इस्तेमाल किए गए ट्रक को जब्त कर लिया। आरोपी पवन जोशी के खिलाफ म्याना थाने में अपराध क्रमांक 258/2026 के तहत विस्फोटक अधिनियम की धारा 5(ख) के अंतर्गत प्रकरण दर्ज किया गया है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। इस पूरी कार्रवाई को म्याना थाना प्रभारी निरीक्षक बृजमोहन सिंह भदौरिया के नेतृत्व में अंजाम दिया गया। इसमें उपनिरीक्षक राजेन्द्र गौड़, सहायक उपनिरीक्षक रामकृष्ण रघुवंशी और उनकी पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस का कहना है कि अवैध विस्फोटक सामग्री और आतिशबाजी के भंडारण और परिवहन के खिलाफ यह कार्रवाई जारी रहेगी। इस तरह के अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस लगातार प्रयासरत है और संदिग्ध वाहनों की जांच की जा रही है। यह घटना अवैध पटाखों के कारोबार में लिप्त तस्करों के लिए एक बड़ा झटका है। पुलिस की सतर्कता ने बड़ी मात्रा में खतरनाक सामग्री को बाजार तक पहुंचने से रोक दिया, जिससे संभावित दुर्घटनाओं को टाला जा सका।

