इंदौर शहर में बढ़ते ध्वनि प्रदूषण पर हाई कोर्ट की इंदौर बेंच ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने नगर निगम को कचरा संग्रहण वाहनों से होने वाले शोर में कम से कम 25% कमी लाने या आवाज को निर्धारित डेसिबल सीमा के भीतर रखने के निर्देश दिए हैं। वहीं, पुलिस को शहर के प्रत्येक थाने में ध्वनि मापक उपकरण उपलब्ध कराने और संबंधित थानों के संपर्क नंबर सार्वजनिक करने को कहा है, ताकि नागरिक शोर की शिकायत आसानी से कर सकें। जस्टिस सुबोध अभ्यंकर और जस्टिस जयकुमार पिल्लई की डबल बेंच ने ये निर्देश याचिकाकर्ता अमिताभ उपाध्याय की याचिका पर दिए। कोर्ट ने कहा कि कचरा गाड़ी आने की सूचना देना जरूरी है, लेकिन इसके लिए लाउडस्पीकर की आवाज बहुत तेज रखना उचित नहीं है। नगर निगम को तीन सप्ताह के भीतर इस संबंध में कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी। साइलेंस जोन की पूरी सूची अखबारों में प्रकाशित करें। कोर्ट ने राज्य शासन द्वारा साइलेंस जोन की सूची के प्रकाशन को लेकर पहले दिए गए आदेश का उचित पालन नहीं होने पर असंतोष जताया। 24 सितंबर 2026 को कोर्ट ने व्यापक प्रसार वाले दैनिक समाचार पत्रों में साइलेंस जोन की सूची प्रकाशित करने के निर्देश दिए थे। सुनवाई के दौरान शासन की ओर से पूरी सूची के बजाय समाचार पत्रों के कुछ अंश प्रस्तुत किए गए, जिनमें साइलेंस जोन का उल्लेख था। बेंच ने इसे पूर्व आदेश का उचित अनुपालन नहीं माना। कोर्ट ने निर्देश दिया कि साइलेंस जोन की पूरी सूची व्यापक प्रसार वाले दैनिक समाचार पत्रों में प्रकाशित की जाए। साथ ही नागरिकों से ऐसे अन्य स्थानों के बारे में सुझाव भी मांगे जाएं, जिन्हें साइलेंस जोन घोषित किया जाना चाहिए, लेकिन वे मौजूदा सूची में शामिल नहीं हैं। इससे अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में शोर पर नियंत्रण के लिए नागरिकों की भागीदारी बढ़ सकेगी। सुनवाई के दौरान खजराना एसीपी आशीष पटेल ध्वनि प्रदूषण मापने वाला उपकरण लेकर कोर्ट में उपस्थित हुए। हालांकि, कोर्ट को बताया गया कि इस उपकरण का सार्वजनिक स्थानों पर शोर मापने और संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई के लिए अब तक उपयोग नहीं किया गया है। इस पर कोर्ट ने कहा कि उपकरणों का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा, जब उन्हें शिकायतों पर कार्रवाई करने वाले पुलिसकर्मियों को उपलब्ध कराया जाएगा। बेंच ने इंदौर के प्रत्येक पुलिस थाने में ध्वनि मापक उपकरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही थानों के संपर्क नंबर समाचार पत्रों में प्रकाशित करने और इंदौर पुलिस की वेबसाइट पर उपलब्ध कराने को कहा, ताकि नागरिक जरूरत पड़ने पर सीधे पुलिस से संपर्क कर सकें। कोर्ट ने नवरात्रि और दशहरे के दौरान शहर में हुए ध्वनि प्रदूषण पर भी गंभीर चिंता जताई।
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इंदौर में ध्वनि प्रदूषण पर हाई कोर्ट सख्त, कचरा गाड़ियों का शोर 25% घटेगा
26 अक्टूबर 2026 को 11:48 pm बजे
इंदौर में ध्वनि प्रदूषण पर हाई कोर्ट सख्त, कचरा गाड़ियों का शोर 25% घटेगा
