इंदौर में साइबर फ्रॉड के मामलों में तेजी से गिरफ्तारी हो रही है। सितंबर की शुरुआत में क्राइम ब्रांच ने एक एमबीए स्नातक युवक को गिरफ्तार किया था, जो फर्जी सिम कार्ड और म्यूल बैंक अकाउंट का इस्तेमाल कर रहा था। इस युवक की गिरफ्तारी ने पूरे मामले की परतों को उजागर करना शुरू किया। देशभर में हो रहे करोड़ों के साइबर फ्रॉड के मामले में इंदौर का एक बड़ा कनेक्शन सामने आया है। सितंबर माह के दौरान इंदौर में विभिन्न साइबर अपराधों में 20 से अधिक आरोपियों की गिरफ्तारियां हुई हैं। ये गिरफ्तारियां फर्जी सिम कार्ड और म्यूल बैंक खातों के इस्तेमाल के चलते की गई हैं। एक मामले में चौंकाने वाली बात यह रही कि एक खाते में सिर्फ एक महीने के भीतर करीब 3.42 करोड़ रुपए के संदिग्ध लेन-देन का खुलासा हुआ। इस खाते का संबंध देशभर की 200 से अधिक साइबर फ्रॉड शिकायतों से पाया गया है। जांच में शामिल संदिग्ध बैंक खाते पर करीब 1.5 करोड़ रुपए के लेन-देन की जांच की गई। यह म्यूल खाता 15 राज्यों की 51 साइबर फ्रॉड शिकायतों से जुड़ा पाया गया। कई राज्यों में हुई ठगी के तार इंदौर से जुड़े हैं। ताजा शिकायतों की जांच भी चल रही है, जिससे यह साफ होता है कि इंदौर इस साइबर फ्रॉड का केंद्र बनता जा रहा है। विजय नगर पुलिस की कार्रवाई में म्यूल खाताधारक आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद यह खुलासा हुआ कि सेविंग और करंट अकाउंट का अलग-अलग रेट था। सेविंग अकाउंट 15 से 20 हजार रुपए में और करंट अकाउंट 1 लाख से 1.50 लाख तक में उपलब्ध कराए जा रहे थे। कुछ ही दिनों बाद एक अन्य खाते से करीब 10 राज्यों की 26 शिकायतें भी जुड़ी पाई गई थीं। यह बताता है कि इस पूरे नेटवर्क में कितनी गहराई है। साइबर ठगी की रकम को छिपाने और आगे पहुंचाने के लिए कथित म्यूल बैंक खातों और फर्जी सिम कार्ड का नेटवर्क इंदौर में पुलिस की जांच का केंद्र बना हुआ है। जांच में जुटी पांच टीमें उल्लेखनीय है कि जनवरी से अगस्त माह तक करीब 7 हजार साइबर फ्रॉड शिकायतें क्राइम ब्रांच को मिलीं। इन शिकायतों में 60 करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी हुई। गिरफ्तार आरोपियों से जांच में पता चला कि संबंधित खातों में ठगी से जुड़ी राशि आई। कुछ राशि दूसरे खातों में ट्रांसफर की गई और कुछ एटीएम से निकाली गई। इस महीने में क्राइम ब्रांच ने ऐसे 20 से अधिक आरोपियों की गिरफ्तारी करते हुए अहम दस्तावेज भी बरामद किए हैं। यह दस्तावेज इस मामले की गहराई को और उजागर करते हैं। यह एक बड़ी उपलब्धि है, जो इस साइबर ठगी के मामले में जांच को और मजबूत बनाती है। माह के दूसरे सप्ताह में दो मामलों में पुलिस ने 16 लोगों को गिरफ्तार किया था। यह गिरफ्तारी भी इस मामले की गंभीरता को दर्शाती है। जांच में ऐसे बैंक खातों की खरीद-फरोख्त और किराए पर देने के मामलों का भी खुलासा हुआ है। इन खातों के साथ सिम कार्ड, एटीएम-डेबिट कार्ड और बैंकिंग दस्तावेज तक सौंपे जा रहे थे। इंदौर की पुलिस इन मामलों की गहराई को समझने और सभी कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। बरामद फर्जी सिमें, बैंक खातों के दस्तावेजों और तकनीकी बिंदुओं पर जांच जारी है।
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इंदौर में साइबर फ्रॉड की जांच में 20 से अधिक गिरफ्तारियां
28 सितंबर 2026 को 12:49 am बजे

इंदौर में साइबर फ्रॉड की जांच में 20 से अधिक गिरफ्तारियां
