चुनाव आयोग से जवाब तलब
चुनाव में वोट किसका बढ़ा और किसका नाम मतदाता सूची से कटा, इन सवालों को लेकर कांग्रेस ने 'वोट बचाओ, देश बचाओ' अभियान शुरू कर दिया है। पार्टी ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों की जांच और हटाए गए नामों को बहाल करने की मांग की है। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर उठ रहे सवालों का स्पष्ट जवाब मिलना चाहिए। पार्टी ने इसे किसी एक राज्य का मामला मानने के बजाय देशभर के मतदाताओं से जुड़ा मुद्दा बताया है। कांग्रेस ने मतदाता सूची से हटाए गए 13.3 करोड़ नामों को बहाल करने की मांग की है। इसके साथ ही मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और कथित गड़बड़ियों की स्वतंत्र व समयबद्ध जांच की भी मांग की गई है। पार्टी का कहना है कि इस मुद्दे पर चुप रहना देश के लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है। चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची में की गई कथित गड़बड़ियों को लेकर कांग्रेस ने इस अभियान के माध्यम से जनता के बीच जाने का फैसला किया है। पार्टी का मानना है कि यदि मतदाताओं के नामों को सूची से गलत तरीके से हटाया गया है, तो यह एक गंभीर चिंता का विषय है। कांग्रेस ने सवाल उठाया है कि आखिर 39 लाख नए वोटर जुड़े तो 13.3 करोड़ नाम मतदाता सूची से कैसे और क्यों कटे। पार्टी इस बात का जवाब चाहती है कि यह सब चुनाव आयोग की देखरेख में कैसे हुआ और इसके पीछे कौन जिम्मेदार है। पार्टी के नेताओं ने जोर देकर कहा है कि जब तक चुनाव आयोग इन सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं देता और उचित कार्रवाई नहीं करता, तब तक यह अभियान जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि यह केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि देश के लोकतांत्रिक भविष्य का सवाल है।

