पशुपालक बलराम जाट का प्रयास मुर्रा नस्ल सुधार से आय का स्रोत बना है
ग्राम खाचरौद, विकासखंड आष्टा, जिला सीहोर के पशुपालक बलराम जाट ने मुर्रा नस्ल के भैंसों के प्रजनन में अनूठी सफलता हासिल की है। उनके पास लगभग 60 भैंसें हैं, जिनसे वे प्रतिदिन करीब 24 लीटर दूध का उत्पादन करते हैं। उनकी कहानी यह प्रदर्शित करती है कि कैसे सही दिशा में किए गए प्रयासों से न केवल एक परिवार की आय में वृद्धि होती है, बल्कि पूरे क्षेत्र के पशुपालकों को भी लाभ होता है। बलराम जाट ने पशुपालन के प्रति अपनी रुचि और उन्नत नस्ल की भैंसों के प्रति बढ़ती जागरूकता को देखते हुए नस्ल सुधार की दिशा में कदम बढ़ाए। उन्होंने प्राकृतिक प्रजनन सेवा प्रदान करने का निर्णय लिया, जिससे अन्य गांवों के पशुपालकों को भी लाभ मिल सके। आज बलराम जी केवल अपने पशुधन की नस्ल सुधार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि गांव एवं आसपास के क्षेत्र में पशुपालकों को उन्नत नस्ल अपनाने के लिए प्रेरित करने वाले व्यक्ति के रूप में पहचान बना चुके हैं। उनका प्रयास यह दर्शाता है कि एक व्यक्ति की मेहनत और सरकारी योजनाओं का सही उपयोग कैसे बड़े बदलाव ला सकता है। बलराम जाट का लक्ष्य है कि ग्राम खाचरौद एवं आसपास के क्षेत्रों में अधिक से अधिक पशुपालक अपनी देशी भैंसों में उन्नत मुर्रा नस्ल के माध्यम से नस्ल सुधार करें। इससे पशुओं की उत्पादकता बढ़ेगी, पशुपालकों की आय में वृद्धि होगी और क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण पशुधन का विकास होगा। पशुपालन के क्षेत्र में बलराम जाट का प्रयास अब केवल एक शौक नहीं रह गया है, बल्कि यह उनके लिए आय का एक महत्वपूर्ण स्रोत बन गया है। उनके मुर्रा पाड़े से जुड़ी प्राकृतिक प्रजनन सेवाएं अब उनके लिए लगभग 10,000 रुपये प्रतिमाह की अतिरिक्त आय का साधन बन चुकी हैं। वर्ष 2023 में मुर्रा पाड़ा योजना के अंतर्गत बलराम जाट को 60 प्रतिशत अनुदान पर उन्नत नस्ल का मुर्रा पाड़ा प्राप्त हुआ। यह योजना उनके लिए नस्ल सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई है। उनकी कहानी यह संदेश देती है कि सरकारी योजना के माध्यम से प्राप्त एक उन्नत नस्ल का पशु यदि सही तरीके से उपयोग किया जाए, तो वह केवल एक परिवार की पशुधन संपदा नहीं बढ़ाता, बल्कि पूरे क्षेत्र में नस्ल सुधार, रोजगार और अतिरिक्त आय का माध्यम बन सकता है। बलराम जाट ने अपने व्यक्तिगत पशुधन तक ही इस पहल को सीमित नहीं रखा। उन्होंने आसपास के गांवों के पशुपालकों को भी उन्नत नस्ल के प्रजनन के लिए प्राकृतिक प्रजनन सेवा उपलब्ध कराना शुरू किया। इससे न केवल उनके पशुधन की गुणवत्ता में सुधार हुआ, बल्कि उनके आस-पास के पशुपालकों को भी लाभ मिला। कई पशुपालक अब बलराम जाट से सलाह और प्रजनन सेवाएं ले रहे हैं। उनके प्रयासों से क्षेत्र में उन्नत नस्ल के पशुधन के प्रति जागरूकता बढ़ रही है और पशुपालक नस्ल सुधार के महत्व को समझने लगे हैं। एक मुर्रा पाड़े से शुरू हुआ नस्ल सुधार का प्रयास आज सैकड़ों भैंसों तक पहुंचकर पशुपालकों के लिए उन्नत पशुधन और अतिरिक्त आय की नई राह बना रहा है।

