जिले में जन्म-मृत्यु पंजीयन हुआ अनिवार्य, 21 दिन में नहीं कराने पर लगेगा जुर्माना
कलेक्टर बालागुरू के. ने जिले के सभी नगरीय निकायों, जनपद पंचायतों और चिकित्सा संस्थानों को निर्देश दिया है कि जन्म और मृत्यु की घटनाओं का पंजीयन निर्धारित समय-सीमा में सीआरएस पोर्टल पर अनिवार्य रूप से कराया जाए। इस निर्देश के अनुसार, जन्म या मृत्यु की घटना होने के 21 दिवस के भीतर संबंधित नगरीय निकाय या ग्राम पंचायत को ऑनलाइन सीआरएस पोर्टल पर इसकी सूचना दर्ज करानी होगी। यह कदम जन्म और मृत्यु के आंकड़ों को सटीक और अद्यतन रखने के उद्देश्य से उठाया गया है, ताकि सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में सहायता मिल सके। निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम में होने वाली जन्म-मृत्यु की घटनाओं की सूचना दर्ज कराने की प्राथमिक जिम्मेदारी संबंधित चिकित्सा संस्थान के प्रभारी की होगी। यह सुनिश्चित करेगा कि किसी भी घटना की जानकारी छूटने न पाए और सभी आवश्यक डेटा समय पर उपलब्ध हो। कलेक्टर ने इस बात पर जोर दिया है कि सभी संस्थानों को इन निर्देशों का कड़ाई से पालन करना होगा, ताकि व्यवस्था में किसी भी प्रकार की ढील न बरती जा सके। स्पष्ट किया गया है कि यदि निर्धारित समय-सीमा में सूचना नहीं दी जाती है या गलत जानकारी दर्ज की जाती है, जैसे कि जन्म-मृत्यु की गलत तारीख या गलत नाम दर्ज करना, तो जन्म-मृत्यु पंजीकरण अधिनियम की धारा 23 के अंतर्गत जुर्माना और वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है। यह प्रावधान नियमों के उल्लंघन को रोकने और डेटा की सटीकता बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है।
