रेलवे स्टेशनों पर ई-कचरे के सही प्रबंधन का संदेश: पुराने इलेक्ट्रॉनिक उपकरण फेंकें नहीं
पश्चिम मध्य रेलवे का भोपाल मंडल पर्यावरण संरक्षण के लिए लोगों को जागरूक करने में जुटा है। इसी क्रम में मिशन लाइफ अभियान के छठवें दिन बीना और इटारसी रेलवे स्टेशनों पर ई-कचरे के सही प्रबंधन को लेकर कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दिन की थीम 'ई-कचरा कम करना' रखी गई थी। दोनों स्टेशनों पर रेल कर्मचारियों और यात्रियों को यह समझाया गया कि पुराने मोबाइल, कंप्यूटर, चार्जर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को लापरवाही से फेंकना पर्यावरण के लिए बेहद नुकसानदायक है। ऐसे उपकरणों की मरम्मत कर उनका दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है, और जो पूरी तरह अनुपयोगी हो चुके हैं, उन्हें अधिकृत माध्यम से ही निपटाना चाहिए। बीना रेलवे स्टेशन पर 'मिशन लाइफ' अभियान के तहत ई-कचरे के बढ़ते प्रभावों पर जागरूकता गतिविधियां हुईं। रेल कर्मचारियों और आमजन को इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल जिम्मेदारी से करने और पर्यावरण के अनुकूल जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में यह संदेश दिया गया कि किसी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण के खराब होने पर उसे तुरंत कचरे में न डालें, बल्कि पहले उसकी मरम्मत की संभावना देखें। यदि उपकरण दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है, तो उसका उपयोग जारी रखें, जिससे ई-कचरे की मात्रा कम करने में मदद मिलेगी। इटारसी रेलवे स्टेशन पर डिजिटल डिस्प्ले और पोस्टरों के माध्यम से ई-कचरे के सही प्रबंधन का संदेश दिया गया। स्टेशन पर आने-जाने वाले यात्रियों तक भी यह जानकारी पहुंचाई गई। इसके साथ ही रेल कर्मचारियों के लिए एक विशेष जागरूकता सत्र आयोजित किया गया, जिसमें संबंधित पक्षों के साथ संवाद भी हुआ। चर्चा के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की मरम्मत, दोबारा उपयोग और उनके उपयोगी जीवन को बढ़ाने के तरीकों पर जानकारी दी गई।
