प्रशासन ने बड़वानी में आठ पटाखा दुकानदारों को कमियां बताते हुए नोटिस जारी किए, जिसके विरोध में बाजार बंद रहा
दुकानदारों का कहना है कि सभी पर समान नियम लागू हों, तभी दुकानें खुलेंगी
बड़वानी के दशहरा मैदान में पटाखा दुकानदारों ने प्रशासन के नोटिस के विरोध में शनिवार शाम अपनी दुकानें बंद रखकर प्रदर्शन किया। एसडीएम कार्यालय से आठ दुकानदारों को दुकानों के बीच 3 मीटर की दूरी न होने, लाइसेंस न होने, अग्नि सुरक्षा नियमों का पालन न करने जैसी पांच बिंदुओं पर कमियां बताते हुए नोटिस जारी किए गए थे। इसी के विरोध में व्यापारी मैदान में बैठ गए और ऐलान किया कि जब तक नोटिस का समाधान नहीं होता, तब तक दुकानें नहीं खोली जाएंगी। दुकानदारों के इस कदम से पटाखा बाजार में सन्नाटा पसरा रहा और खरीदारी पूरी तरह ठप हो गई। व्यापारियों के मुताबिक, दशहरा मैदान में कुल 48 दुकानें लगी हुई हैं और सभी की व्यवस्थाएं एक समान हैं। ऐसे में यदि कमियां हैं, तो सभी दुकानों पर एक जैसे नियम लागू होने चाहिए। इसी मांग को लेकर उन्होंने दुकानें बंद रखने का निर्णय लिया। एसडीएम भूपेंद्र रावत ने बताया कि दशहरा मैदान में पटाखा बिक्री के लिए 50 लाइसेंस जारी किए गए थे। प्रशासन की टीम ने बाजार का निरीक्षण किया तो पाया कि कुछ दुकानों पर लाइसेंसधारी की जगह दूसरे लोग ही कारोबार कर रहे थे। इसके अलावा, कुछ दुकानों में आग से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम भी नहीं थे। एसडीएम रावत ने स्पष्ट किया कि जिन दुकानों में खामियां पाई गईं, उनमें से आठ दुकानदारों को नोटिस जारी कर सुधार के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करवाना है। उन्होंने कहा कि यदि नियमों का उल्लंघन होता है, तो कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने दुकानदारों से सहयोग की अपील की है ताकि त्योहारी सीजन में किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। शनिवार दोपहर नोटिस मिलने के बाद शाम करीब 4 बजे दुकानदारों ने इकट्ठा होकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया था।
इनमें दुकानों के बीच निर्धारित 3 मीटर की दूरी बनाए रखना, मौके पर वैध लाइसेंस की उपलब्धता सुनिश्चित करना, स्थानीय भाषा में चेतावनी संबंधी बोर्ड लगाना और अग्नि सुरक्षा के सभी नियमों का पालन करना शामिल है। दुकानदारों के विरोध के चलते पटाखा बाजार में सन्नाटा पसरा रहा। लोगों को पटाखे खरीदने में भारी परेशानी हुई। कई ग्राहक तो बिना खरीदारी किए ही वापस लौट गए।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन और व्यापारियों के बीच बातचीत का क्या नतीजा निकलता है और बाजार कब तक खुल पाता है। प्रशासन ने सुरक्षा नियमों का हवाला देते हुए कहा है कि लाइसेंस जारी होने के बाद निरीक्षण में कुछ दुकानों पर लाइसेंसधारी के बजाय दूसरे लोग कारोबार करते पाए गए।

