इस वर्ष दीपावली का पर्व छह दिनों तक मनाया जाएगा, जो धनतेरस से शुरू होकर भाईदूज तक चलेगा। यह संयोग तीन साल बाद बन रहा है, जब कार्तिक अमावस्या तिथि दो दिन तक रहेगी। रविवार, 7 नवंबर, 2026 को दीपावली मनाई जाएगी। इस बार स्वाति नक्षत्र में मां महालक्ष्मी, मां सरस्वती, भगवान गणेश और कुबेर का पूजन किया जाएगा, जिससे धन, वैभव, सुख-समृद्धि और ऐश्वर्य की कामना की जाएगी। रविवार को चतुर्दशी तिथि सुबह 11.28 बजे तक रहेगी, जिसके बाद कार्तिक अमावस्या लग जाएगी। दीपावली पर स्वाति नक्षत्र का विशेष महत्व है, जिसे स्वतंत्रता, गतिशीलता और प्रगति का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि इस नक्षत्र में किए गए शुभ कार्य विशेष फलदायी होते हैं। इसके साथ ही आयुष्मान और सौभाग्य योग का बनना भी इस पर्व को और अधिक महत्वपूर्ण बना रहा है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, मां महालक्ष्मी के पूजन का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त प्रदोषकाल में रहेगा। यह मुहूर्त सायंकाल 5 बजकर 31 मिनट से रात्रि 8 बजकर 9 मिनट तक रहेगा। इसके अतिरिक्त, वृषभ काल शाम 5:54 से 7:50 बजे तक, निशिता काल रात 11:39 से 12:31 तक, और सिंह लग्न रात्रि 12:25 से रात्रि 2:42 तक रहेगा। दीपावली पूजन के लिए चौघड़िया मुहूर्त भी महत्वपूर्ण हैं। प्रात:काल चर, लाभ और अमृत मुहूर्त सुबह 11:27 से 12:05 बजे तक रहेंगे। दोपहर में शुभ मुहूर्त 1:26 से 2:48 बजे तक रहेगा। सायंकाल के शुभ, अमृत और चर मुहूर्त शाम 5:31 से रात 10:27 बजे तक रहेंगे, जबकि रात्रि में लाभ मुहूर्त 1:43 से 3:22 तक रहेगा। स्वाति नक्षत्र का स्वामी राहू है और इसे 27 नक्षत्रों में 15वां स्थान प्राप्त है।
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इस वर्ष छह दिनों तक मनाई जाएगी दीपावली
8 नवंबर 2026 को 8:52 pm बजे
