नगर निगम अब शहर के होटलों, रिसॉर्ट्स, मॉल और बड़े व्यावसायिक संस्थानों का वास्तविक क्षेत्रफल मापेगा ताकि संपत्तिकर का सही निर्धारण हो सके। निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे मौके पर जाकर संपत्तियों का क्षेत्रफल नापें और निगम के रिकॉर्ड से उसका मिलान करें। इस पहल का उद्देश्य संपत्तिकर वसूली में पारदर्शिता लाना और राजस्व में वृद्धि करना है। अपर आयुक्त (राजस्व) आकाश सिंह के निर्देशन में संबंधित अधिकारी संपत्तियों के क्षेत्रफल और उनसे जुड़े रिकॉर्ड की जांच करेंगे। इसके लिए वे स्थल निरीक्षण कर वास्तविक माप लेंगे। इसके बाद, मौके पर मिले वास्तविक क्षेत्रफल का अभिलेखों में दर्ज जानकारी से मिलान किया जाएगा। यह सुनिश्चित करने के लिए किया जा रहा है कि बड़े व्यावसायिक संस्थानों से निर्धारित नियमों के अनुसार सही क्षेत्रफल के आधार पर ही कर वसूला जाए। जांच के दौरान, यदि वास्तविक क्षेत्रफल और निगम के रिकॉर्ड में कोई अंतर पाया जाता है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम का मुख्य जोर यह सुनिश्चित करने पर है कि राजस्व संग्रहण में किसी भी तरह की विसंगति न रहे। यह प्रक्रिया 24 अक्टूबर 2026 को शुरू होगी, जिससे कर प्रणाली में अधिक सटीकता लाई जा सकेगी।
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होटलों-मॉलों का नापेंगे क्षेत्रफल, उसी हिसाब से लगेगा संपत्तिकर
25 अक्टूबर 2026 को 11:54 pm बजे
