मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि माता-बहनों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना सरकार का दायित्व है। उन्होंने बताया कि 65 हजार करोड़ रुपये की सहायता अब तक महिलाओं को दी जा चुकी है। शहडोल में तेंदूपत्ता संग्रहण करने वाली महिलाओं को बोनस के माध्यम से आर्थिक मदद मिल रही है। किसानों को भी आर्थिक रूप से सशक्त करने के प्रयास जारी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह बात भोपाल में आयोजित एक मीडिया समूह के कार्यक्रम 'सुशासन संवाद 3.0' में कही। उन्होंने कहा कि बहनों, किसानों और गरीबों को दी जाने वाली छोटी-छोटी आर्थिक सहायता राशि समाज के सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में मध्य प्रदेश सरकार किसानों के साथ-साथ पशुपालकों और दुग्ध उत्पादकों को भी प्रोत्साहित कर रही है। यह राज्य देश में एकमात्र ऐसा है जो इन क्षेत्रों में किसानों के सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान दे रहा है। सरकार की एक और महत्वपूर्ण पहल ग्रामीण क्षेत्रों में शासकीय भूमि पर बने मकानों की निःशुल्क रजिस्ट्री करना है। इस पहल से ग्रामीण अपने मकानों पर बैंक से ऋण प्राप्त कर सकेंगे, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी। ग्रामीणों में स्वामित्व योजना के प्रति उत्साह और आशा का भाव देखा जा रहा है। अब अपने व्यापार को बढ़ाने या अन्य आर्थिक गतिविधियों के लिए ग्रामीण व्यक्ति अपने मकान पर ऋण ले सकेंगे। इससे न केवल उनकी व्यक्तिगत अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि समूचे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने लाड़ली बहना योजना, जनकल्याण और विकास के बीच वित्तीय संतुलन, सिंहस्थ 2028 को वैश्विक आध्यात्मिक आयोजन बनाने की तैयारी और अंर्तराज्यीय संबंधों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने सांदीपनि विद्यालय के माध्यम से शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने का सराहनीय काम किया है। एक समय था जब स्कूलों में बैठने के लिए टाट- पट्टी तक की व्यवस्था नहीं थी, लेकिन आज सांदीपनि विद्यालय आधुनिक सुविधाओं, बहुमंजिला भवनों और बेहतर शैक्षणिक संसाधनों के साथ शिक्षा के आदर्श मॉडल के रूप में स्थापित हो रहे हैं। राज्य सरकार का प्रयास है कि इन विद्यालयों के माध्यम से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले और वे भारतीय संस्कृति, गुरु-शिष्य परंपरा तथा राष्ट्रभक्ति के मूल्यों को आत्मसात करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि देश में अब मध्य प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था सर्वश्रेष्ठ है। उन्होंने आचार्य सांदीपनि को शिक्षा, ज्ञान और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक बताया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आचार्य सांदीपनि का नाम भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की अमर मित्रता से जुड़ा है। सांदीपनि विद्यालयों के नामकरण के पीछे यही भावना है कि विद्यार्थियों के बीच मित्रता, संस्कार और गुरु-शिष्य परंपरा सदैव जीवंत रहे। आचार्य सांदीपनि का जीवन हमें सिखाता है कि शिक्षा केवल ज्ञान अर्जित करने का माध्यम नहीं, बल्कि संस्कार, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्र निर्माण का आधार भी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अंर्तराज्यीय संबंधों पर चर्चा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की भावना है कि राज्यों में परस्पर सौहार्दपूर्ण प्रतिस्पर्धा होनी चाहिए। इसी भावना के तहत राज्य सरकार ने पूरे बुंदेलखंड की बेहतरी के लिए, उत्तर प्रदेश सरकार के साथ केन-बेतवा लिंक परियोजना का एक लाख करोड़ रुपये का प्लान बनाया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना से संपूर्ण बुंदेलखंड क्षेत्र का भला होगा। सिंहस्थ 2028 के संबंध में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि इस दौरान आवागमन के लिए हर संभव प्रबंध किए जा रहे हैं। उज्जैन की आबादी तो आठ-दस लाख है, लेकिन सिंहस्थ में लगभग 40 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आने-जाने के मार्ग, घाट, स्नान और दर्शन आदि का तद्नुसार प्रबंधन किया जा रहा है। सभी व्यवस्थाएं समाज की वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप की जा रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन का इंफ्रास्ट्रक्चर काफी बेहतर हुआ है। इससे ग्रामीण उस मकान पर बैंक से ऋण ले सकेंगे।
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महिलाओं को आर्थिक सशक्त बनाना सरकार का दायित्व: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
25 अक्टूबर 2026 को 11:54 pm बजे
महिलाओं को आर्थिक सशक्त बनाना सरकार का दायित्व: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
