वरुण कपूर, उपेंद्र जैन और प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव समेत 12 नामों पर विचार, यूपीएससी से आने वाले पैनल में नया नाम भी संभव
मध्य प्रदेश में नए पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) की नियुक्ति की प्रक्रिया अब दिल्ली में होने वाली चयन प्रक्रिया पर केंद्रित हो गई है। राज्य सरकार द्वारा भेजे गए 12 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नामों में से संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) के पैनल में कौन जगह पाता है, इससे तस्वीर साफ होगी। मौजूदा डीजीपी कैलाश मकवाणा 30 नवंबर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं, जिसके बाद दिसंबर में नए पुलिस प्रमुख को यह जिम्मेदारी मिल सकती है। फिलहाल चर्चा में वरुण कपूर, उपेंद्र जैन और प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव के नाम हैं, लेकिन अंतिम चयन सरकार और निर्धारित प्रक्रिया पर निर्भर करेगा। 1991 बैच के आईपीएस अधिकारी वरुण कपूर, जो वर्तमान में जेल विभाग के महानिदेशक हैं, वरिष्ठता के आधार पर प्रमुख दावेदार माने जा रहे हैं। इसी बैच के उपेंद्र जैन आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) के डीजी हैं, जिनके प्रशासनिक अनुभव को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसी बैच की प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव वर्तमान में होमगार्ड की महानिदेशक हैं। यदि उन्हें यह जिम्मेदारी मिलती है, तो वह मध्य प्रदेश की पहली महिला डीजीपी बनेंगी। हालांकि, उनके नाम पर अंतिम निर्णय चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। यूपीएससी का पैनल इस चयन प्रक्रिया में निर्णायक भूमिका निभाएगा। राज्य सरकार ने नए डीजीपी के चयन के लिए डीजी और स्पेशल डीजी रैंक के 12 अधिकारियों के नाम केंद्र को भेजे हैं। प्रस्तावित प्रक्रिया के तहत, केंद्र और यूपीएससी स्तर पर इन नामों पर विचार के बाद चुनिंदा अधिकारियों का पैनल राज्य सरकार को भेजा जाएगा, जिसमें से नए डीजीपी का चयन किया जाएगा। सरकार द्वारा भेजे गए नामों में वरुण कपूर, उपेंद्र जैन और प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव के अलावा पंकज श्रीवास्तव, आदर्श कटियार, जी. अखेतो सेमा, अनिल कुमार, रवि गुप्ता, आनंद कुमार सिंह, मनमीत सिंह नारंग, राजाबाबू सिंह और डीपी गुप्ता शामिल हैं। इनमें पंकज श्रीवास्तव का नाम भी चर्चा में है, जिनके नक्सल विरोधी अभियानों में काम को उनके समर्थक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानते हैं। अधिकारियों की सेवानिवृत्ति की तारीखें भी डीजीपी चयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वरुण कपूर मई 2027 में, उपेंद्र जैन अगस्त 2027 में, और प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव फरवरी 2028 में सेवानिवृत्त होंगे। सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों के तहत, नियमित रूप से नियुक्त डीजीपी को सामान्यतः कम से कम दो वर्ष का कार्यकाल मिलता है, इसलिए संभावित कार्यकाल भी चयन का एक अहम पहलू है। डीजी रैंक की आईपीएस अधिकारी सोनाली मिश्रा 31 अक्टूबर को सेवानिवृत्त होंगी। वह फिलहाल प्रतिनियुक्ति पर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की महानिदेशक हैं। उनकी सेवानिवृत्ति की तारीख के कारण राज्य सरकार ने डीजीपी चयन के लिए भेजे गए नामों में उन्हें शामिल नहीं किया है। उनके सेवानिवृत्त होने के बाद आरपीएफ में नए महानिदेशक की नियुक्ति को लेकर भी बदलाव संभव है। नए पुलिस प्रमुख के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ वर्ष 2028 में उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ की सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी जिम्मेदारी होगी। आयोजन में भारी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती, यातायात प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण, खुफिया समन्वय और आपात स्थिति से निपटने की तैयारियां महत्वपूर्ण होंगी। इसलिए, नए डीजीपी का चयन केवल वरिष्ठता या संभावित कार्यकाल तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उन्हें प्रदेश की मौजूदा कानून-व्यवस्था और सिंहस्थ जैसे बड़े आयोजन की तैयारियों की जिम्मेदारी भी संभालनी होगी। अंतिम तस्वीर यूपीएससी के पैनल और राज्य सरकार के निर्णय के बाद ही साफ होगी।
