मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुधीर कुमार डेहरिया ने जनहित में जिलेवासियों से मलेरिया से बचाव और रोकथाम के लिए आवश्यक सावधानियां बरतने की अपील की है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम सक्रिय रूप से मलेरिया पॉजिटिव प्रकरणों की निगरानी, लार्वा सर्विलांस और मच्छरों की रोकथाम के लिए कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करा रही है
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. सुधीर कुमार डेहरिया ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे मलेरिया जैसी मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के लिए अपने घरों और आसपास स्वच्छता बनाए रखें। उन्होंने कहा कि मच्छरों के प्रजनन को रोकना अत्यंत आवश्यक है। जिले में जहां भी मलेरिया के पॉजिटिव मामले या बुखार की सूचना मिलती है, वहां स्वास्थ्य विभाग की टीम निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार कार्रवाई कर रही है। इसमें बुखार से पीड़ित मरीजों की जांच, मलेरिया पॉजिटिव मामलों की निगरानी, लार्वा सर्विलांस और मच्छरों की रोकथाम के लिए कीटनाशक एवं लार्वानाशक दवाओं का छिड़काव शामिल है। इन गतिविधियों का उद्देश्य संक्रमण को रोकना और मच्छरों के प्रजनन पर नियंत्रण करना है। जिला मलेरिया अधिकारी के नेतृत्व में जिला और ब्लॉक स्तरीय स्वास्थ्य टीमें फीवर सर्विलांस, लार्वा सर्विलांस और कीटनाशक छिड़काव का कार्य कर रही हैं। डॉ. डेहरिया ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे अपने घरों और आसपास गड्ढों में पानी जमा न होने दें। कूलरों का पानी नियमित रूप से खाली करके साफ करें, पानी की टंकियों और अन्य पात्रों को ढककर रखें, और नालियों की नियमित सफाई सुनिश्चित करें। सप्ताह में कम से कम एक बार पानी जमा होने वाले स्थानों की जांच अवश्य करें ताकि मच्छरों को पनपने से रोका जा सके। डॉ. डेहरिया ने कहा कि बुखार आने पर लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए और तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचकर जांच करानी चाहिए। समय पर जांच और उचित उपचार से मलेरिया के प्रसार को रोकने में मदद मिलती है। स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से अपील की है कि वे स्वच्छता और मच्छर नियंत्रण संबंधी उपायों को अपनी दैनिक दिनचर्या में शामिल करें। मलेरिया रोकथाम के लिए सरकारी प्रयास जारी हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें सक्रिय रूप से काम कर रही हैं। प्रभावित क्षेत्रों में विशेष ध्यान दिया जा रहा है। लार्वा को पनपने से रोकने के लिए हर संभव कदम उठाया जा रहा है।
