अभिभावकों से 6 अक्टूबर को बच्चों के कृमिनाशन की अपील की गई
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों को कृमि से मुक्त करना है, ताकि वे स्वस्थ रह सकें और बेहतर तरीके से पढ़ाई कर सकें। बच्चों के स्वस्थ विकास के लिए यह आवश्यक है कि उनके शरीर में पोषक तत्वों का सही अवशोषण हो। यदि बच्चे कृमियों से प्रभावित होते हैं, तो यह उनके विकास में बाधा डाल सकता है। कृमियों की उपस्थिति से बच्चों में कमजोरी और पोषण संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। चौहान ने कहा कि आंतों में मौजूद कृमि शरीर के लिए आवश्यक पोषक तत्वों के अवशोषण को प्रभावित कर सकते हैं। इससे बच्चों में विकास संबंधी समस्याएं उत्पन्न होती हैं, जो उनके भविष्य को भी प्रभावित कर सकती हैं। यह अभियान गर्भवती महिलाओं को छोड़कर 20 से 49 वर्ष की महिलाओं को भी शामिल करेगा। इस तरह, यह अभियान एक व्यापक पहल है, जो बच्चों के स्वस्थ विकास की दिशा में एक कदम है। चौहान ने कहा कि बच्चों का स्वास्थ्य सबसे पहले आना चाहिए। यदि बच्चे स्वस्थ रहेंगे, तो वे न केवल पढ़ाई में बेहतर करेंगे, बल्कि खेल-कूद में भी सक्रिय रहेंगे। कृमिनाशन अभियान का लाभ बच्चों और किशोरों तक पहुँचाने के लिए इसे सही समय पर संचालित किया जा रहा है। यह अभियान न केवल बच्चों को स्वस्थ बनाने का काम करेगा, बल्कि उनके विकास के लिए आवश्यक एक मजबूत नींव भी तैयार करेगा। यह पहल बच्चों के लिए सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य सुनिश्चित करेगी। चौहान ने कहा कि कृमियों से मुक्ति, स्वस्थ शरीर और बेहतर भविष्य की ओर एक कदम है। इस अभियान का सही तरीके से कार्यान्वयन बच्चों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करेगा। यदि बच्चे स्वस्थ रहेंगे, तो वे जीवन में आगे बढ़ने के लिए बेहतर स्थिति में रहेंगे। कृमिनाशन अभियान की तैयारी पूरी हो चुकी है, और इसे सफल बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग इस अभियान को सफल बनाने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। यह अभियान न केवल बच्चों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाएगा, बल्कि समुदाय में जागरूकता भी बढ़ाएगा। समुदाय के सभी सदस्यों को इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए।

