भोपाल: भेल कारखाने से पौने पॉच लाख से अधिक कीमत के 525 किलो कॉपर वायर रोल चोरी के मामले का खुलासा करते हुए गोविंदपुरा पुलिस ने भेल की युनिट के सुपरवाइजर और उसके दो साथियो को गिरफ्तार किया था। आरोपियो से पूछताछ में चौकांने वाला खुलासा हुआ है कि जिस सीआईएसएफ आरक्षक की जिम्मेदारी सुरक्षा की थी, उसी ने 50 हजार रुपए लेकर यह माल बाहर निकलवाया था
भेल कारखाने से कीमती कॉपर वायर रोल की चोरी के मामले में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जिस सीआईएसएफ आरक्षक की जिम्मेदारी कारखाने की सुरक्षा की थी, उसी ने आरोपी सुपरवाइजर से 50 हजार रुपए लेकर चोरी का माल बाहर निकलवाया था। इस मिलीभगत से हुई चोरी की घटना में पुलिस ने भेल के मेंटेनेंस स्टोर के सुपरवाइजर सहित उसके दो साथियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, यह चोरी 13 अक्टूबर की सुबह करीब 5 बजे सीआईएम ब्लॉक नंबर-8 स्थित मटेरियल स्टोर से हुई थी। यहां से 21 कॉपर रोल, जिनका वजन कुल 525 किलो था, चोरी कर लिए गए थे। इन कॉपर रोल की कीमत करीब 4.72 लाख रुपए बताई गई है। घटना की रिपोर्ट 24 अक्टूबर को गोविंदपुरा थाने में दर्ज कराई गई थी। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज में संदिग्ध नजर आने पर भेल के मेंटेनेंस स्टोर के सुपरवाइजर सुधीर कुमार पाल से पूछताछ की गई। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि उसने अपने दो साथियों, धर्मेंद्र कटियार और ओमप्रकाश बंजारे, के साथ मिलकर इस चोरी की योजना बनाई थी। सुधीर ने पुलिस को बताया कि उसने सीआईएसएफ के एक आरक्षक को 50 हजार रुपए दिए थे। इसके बाद आरोपियों ने कॉपर रोल को धर्मेंद्र की मारुति कार में रखा और कारखाने से बाहर निकाल लिया। चोरी का यह माल बाद में कबाड़ी को बेच दिया गया। इस मामले में पुलिस ने सुपरवाइजर सुधीर, धर्मेंद्र और ओमप्रकाश को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई मारुति कार और चोरी किए गए 10 कॉपर रोल भी बरामद किए गए हैं। चोरी का कॉपर खरीदने वाले कबाड़ियों को भी मामले में आरोपी बनाया गया है।

