जबलपुर में संत रामपाल जी महाराज के शिष्यों ने 29 सितंबर 2026 को देहदान का संकल्प पत्र भरा। यह एक सामाजिक जागरूकता अभियान का हिस्सा है, जिसमें नशामुक्ति, दहेज मुक्त विवाह, रक्तदान और देहदान जैसे मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया गया है। संत रामपाल जी महाराज की शिक्षाओं से प्रेरित होकर उनके शिष्य समाज में व्याप्त बुराइयों के खिलाफ सकारात्मक प्रयास कर रहे हैं। इस कार्यक्रम में अग्रवाल और राजेंद्र कुशवाहा जी भी मौजूद रहे। यह पहल बताती है कि जीवन के साथ-साथ मृत्यु के बाद भी मानवता की सेवा संभव है। देहदान के माध्यम से शिष्यों ने समाजहित की एक नई मिसाल पेश की है। संत रामपाल जी महाराज के शिष्यों ने यह संकल्प लिया है कि मृत्यु के बाद उनका शरीर चिकित्सा शिक्षा और मानव सेवा के काम आएगा। यही उनकी सेवा की भावना का प्रमाण है। इस कार्यक्रम का आयोजन नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में किया गया, जहां मेडिकल कॉलेज के एनाटॉमी विभाग के प्रोफेसर ने भी भाग लिया। समाज में आज भी पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन किया जाता है, लेकिन संत रामपाल जी महाराज की शिक्षाओं ने एक नई दिशा दी है। शिष्यों का मानना है कि देहदान केवल एक व्यक्तिगत कार्य नहीं है, बल्कि यह समाज के लिए एक महत्वपूर्ण योगदान है। इस प्रकार की गतिविधियों से समाज में जागरूकता बढ़ रही है और लोग सकारात्मक बदलाव की ओर अग्रसर हो रहे हैं। संत रामपाल जी महाराज के शिष्य लगातार देहदान के लिए आगे आ रहे हैं, जिससे यह संदेश फैल रहा है कि सेवा की भावना जीवन तक सीमित नहीं है। यह संकल्प पत्र भरने के अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने एकजुटता का प्रदर्शन किया और इस पहल को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। समाज में ऐसे सकारात्मक कार्यों की आवश्यकता है, ताकि लोग एक-दूसरे की मदद कर सकें और मानवता की सेवा कर सकें।
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जबलपुर में संत रामपाल जी के शिष्यों ने मृत्यु के बाद सेवा का संकल्प लिया
29 सितंबर 2026 को 10:59 pm बजे

जबलपुर में संत रामपाल जी के शिष्यों ने मृत्यु के बाद सेवा का संकल्प लिया
