उज्जैन में शाही मस्जिद के आसपास का माहौल तनावपूर्ण हो गया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें साजिद खान ने लोगों से अपील की कि 'जेसीबी आ गई, जल्दी मस्जिद पहुंचें'। इस वीडियो के बाद बड़ी संख्या में लोग मस्जिद के पास इकट्ठा हो गए। 27 सितंबर को हुए इस घटनाक्रम में प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया। सोशल मीडिया पर चल रही मुहिम के कारण, मस्जिद के बाहर लोगों की भीड़ बढ़ गई। इमरान खान ने अपनी इंस्टाग्राम आईडी पर लिखा था कि ज्यादा से ज्यादा लोग छत्री चौक पर पहुंचें। इसके बाद रात के समय भी लोग मस्जिद के बाहर जमा होते रहे। इस दौरान, युवक आरिफ पठान ने भी लोगों से अपील की कि रात 9 बजे मस्जिद में अधिक से अधिक संख्या में आएं। सोशल मीडिया पर अपील के बाद, पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे। प्रशासन ने बताया कि देवास रोड पर दूसरे शहरों से आए लोगों को पकड़ा गया। पुलिस ने इस संबंध में धारा 144 के तहत कार्रवाई की। इसके चलते कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है। महाकाल पुलिस ने नदीम खान, अब्दुल शाकिर, अल्तमस, अरबाज और वसीम मंसूरी को आरोपी बनाया है। पुलिस के मुताबिक, सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पथराव की घटनाओं में शामिल लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। सोमवार को मस्जिद तोड़ने की कार्रवाई शुरू की गई थी, लेकिन मौके पर विवाद और पथराव हो गया। बताया जा रहा है कि कुछ लोग जानबूझकर माहौल बिगाड़ने के इरादे से वहां पहुंचे थे। प्रशासन ने इस मामले में सख्ती बरती है और पूरी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। पुलिस ने मामले में आठ एफआईआर दर्ज की हैं, जिनमें से एक एफआईआर सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स के खिलाफ है। इस दौरान, क्राइम ब्रांच थाना प्रभारी पुष्पा पांचाल भी घायल हो गईं। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। सोशल मीडिया पर चल रही मुहिम के तहत, इन्फ्लुएंसर्स ने लगातार रील्स पोस्ट कीं। इससे पहले ही मस्जिद के सड़क चौड़ीकरण के लिए कुछ हिस्से को हटाने पर नगर निगम और मस्जिद कमेटी के बीच सहमति बन चुकी थी। प्रशासन ने बताया कि यह कार्रवाई समझौते के तहत की जा रही है। सोशल मीडिया पर चल रही मुहिम के बाद, प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया। उज्जैन में शाही मस्जिद के बाहर पथराव की घटनाएं भी हुईं, जिसके चलते चार थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगाया गया था। पुलिस ने बताया कि इसके बावजूद, शाही मस्जिद के पास बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए। प्रशासन ने कहा कि स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। मस्जिद के बाहर मलबा पड़ा है और बाजार बंद है। पुलिस ने चारों तरफ बैरिकेडिंग कर दी है ताकि कोई भीड़ इकट्ठा न हो सके। इस दौरान, तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए पुलिस ने कर्फ्यू लगाने का निर्णय लिया। मुस्लिम समाज के सभी धर्मगुरुओं से चर्चा के बाद फैसला लिया गया कि मुस्लिम कमेटी ही मस्जिद को स्वयं तोड़ेगी। इससे पहले, समझौते के तहत प्रभावित हिस्से को हटाने के बदले मस्जिद प्रबंधन को अतिरिक्त निर्माण का लाभ दिया जाना था। पुलिस के मुताबिक, सोमवार सुबह मस्जिद तोड़ने की खबर फैलते ही भीड़ बढ़ गई। प्रशासन ने एक हफ्ते का समय मांगा है ताकि स्थिति को नियंत्रित किया जा सके।
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उज्जैन में मस्जिद तोड़ने की कार्रवाई पर हंगामा, पुलिस ने की एफआईआर
29 सितंबर 2026 को 10:59 pm बजे

उज्जैन में मस्जिद तोड़ने की कार्रवाई पर हंगामा, पुलिस ने की एफआईआर
