एमपी ट्रांसको ने स्थानीय प्रशासन के सहयोग से लोगों को विद्युत जोखिमों के प्रति किया जागरूक
हाई कोर्ट के निर्देश
मध्य प्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने विद्युत दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए सतना जिले में एक बड़ा अभियान शुरू किया है। यह अभियान मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में चलाया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य ट्रांसमिशन लाइनों के आसपास के प्रतिबंधित क्षेत्रों में हो रहे निर्माणों पर रोक लगाना और नागरिकों को विद्युत जोखिमों से बचाना है। इस अभियान के तहत, पांच प्रमुख ट्रांसमिशन लाइनों के प्रतिबंधित कॉरिडोर में किए गए निर्माणों के संबंध में कुल 94 नोटिस जारी किए गए हैं। इन नोटिसों में से अधिकांश डिलौरा क्षेत्र में जारी किए गए हैं, जहां नियमों का उल्लंघन कर निर्माण कार्य किए गए थे। एमपी ट्रांसको स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर काम कर रहा है ताकि लोगों को प्रतिबंधित क्षेत्रों में निर्माण से जुड़े गंभीर विद्युत खतरों के प्रति जागरूक किया जा सके। अभियान का लक्ष्य लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, क्योंकि इन निर्माणों से बिजली के तारों के झूलने या अन्य कारणों से दुर्घटनाओं का खतरा काफी बढ़ जाता है। अभियान के दायरे में सतना जिले की पांच महत्वपूर्ण ट्रांसमिशन लाइनें शामिल हैं। इनमें 132 केवी की सतना सीमेंट लाइन, 132 केवी की सतना-प्रिज्म सीमेंट लाइन, 132 केवी की सतना-रामपुर लाइन, 132 केवी की सतना-उचेहरा लाइन और 220 केवी की सतना-कटनी ट्रांसमिशन लाइनें हैं।
तारों के सीधे संपर्क में आने के अलावा, विद्युत आर्क (बिजली की चिंगारी) से भी जानलेवा हादसा हो सकता है। इन जोखिमों को देखते हुए, एमपी ट्रांसको ने निर्माणकर्ताओं को आगाह किया है। सुरक्षा मानकों के अनुसार, 132 केवी ट्रांसमिशन लाइनों के दोनों ओर 27 मीटर और 220 केवी लाइनों के दोनों ओर 35 मीटर का प्रतिबंधित कॉरिडोर निर्धारित किया गया है। इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार का निर्माण करना विद्युत सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। एमपी ट्रांसको द्वारा संबंधित निर्माण स्वामियों को नोटिस जारी कर उन्हें इन सुरक्षा मानकों की जानकारी दी जा रही है। साथ ही, उन्हें प्रतिबंधित कॉरिडोर में निर्माण न करने की सख्त हिदायत और समझाइश दी जा रही है। कंपनी ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे ट्रांसमिशन लाइनों के आसपास किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य न करें और निर्धारित सुरक्षा नियमों का पालन करें ताकि विद्युत दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
इन लाइनों के नीचे और आसपास सुरक्षा मानकों का उल्लंघन कर किए गए निर्माणों से गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। तेज हवा चलने या किसी अन्य अप्रत्याशित घटना के कारण बिजली के तार झूल सकते हैं, जिससे घरों, दुकानों और अन्य ढांचों से दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है।
