भोपाल में प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस और चंद्रशेखर आजाद शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के अंग्रेजी विभाग ने एक दिवसीय ऑनलाइन कार्यशाला का आयोजन किया। इस कार्यशाला का शीर्षक था "अनुवाद के क्षेत्र में करियर की संभावनाएँ"। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को अनुवाद के क्षेत्र में उपलब्ध व्यावसायिक अवसरों तथा करियर की संभावनाओं से परिचित कराना था। कार्यशाला में विषय विशेषज्ञ ऐशिता राठौर, सहायक प्राध्यापक, आईआईआईटी, भोपाल ने विद्यार्थियों को अनुवाद के विभिन्न आयामों से अवगत कराया। उन्होंने साहित्यिक अनुवाद के साथ-साथ तकनीकी, प्रशासनिक, मीडिया, डिजिटल कंटेंट, उपशीर्षक, दुभाषिया कार्य तथा मशीन एवं एआई आधारित अनुवाद जैसे उभरते क्षेत्रों की जानकारी साझा की। विद्यार्थियों ने कार्यशाला में अनुवाद के क्षेत्र में आवश्यक भाषायी दक्षता, डिजिटल कौशल तथा आधुनिक तकनीकों के उपयोग से संबंधित जानकारी प्राप्त की। इस कार्यशाला ने विद्यार्थियों को अनुवाद के क्षेत्र में विकासशील संभावनाओं के बारे में जागरूक किया। कार्यशाला का कुशल संचालन अंग्रेजी विभाग की विभागाध्यक्ष नोरा रूथ कुमार ने किया। उन्होंने विद्यार्थियों को सही दिशा में मार्गदर्शन करते हुए अनुवाद के क्षेत्र में करियर के अवसरों को समझाने का प्रयास किया। कार्यशाला के अंत में विषय विशेषज्ञ ने प्रतिभागियों के प्रश्नों और जिज्ञासाओं का समाधान किया। राठौर ने अनुवाद को एक विकसित होते हुए व्यावसायिक कौशल और करियर क्षेत्र के रूप में देखने के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित किया। इस अवसर पर नितिन बातव, पुष्पेन्द्र परसेंडिया, पूर्णिमा सिंह परिहार और अन्य शिक्षकों के साथ बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए अनुवाद के क्षेत्र में संभावनाओं को समझने का एक महत्वपूर्ण अवसर था। कार्यशाला में उपस्थित विद्यार्थियों ने अनुवाद की उपयोगिता और उसके महत्व को गहराई से समझा। राठौर ने अपने उद्बोधन में शासकीय, अशासकीय, एवं फ्रीलांसिंग के क्षेत्र में अनुवाद में रोजगार की व्यापक संभावनाओं पर अपने विचार प्रस्तुत किए। कार्यशाला ने विद्यार्थियों को अनुवाद के क्षेत्र में आवश्यक कौशल विकसित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि अनुवाद में करियर बनाना केवल एक पेशा नहीं है, बल्कि यह एक सृजनात्मक प्रक्रिया है, जो विभिन्न संस्कृतियों के बीच पुल का काम करती है। कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों ने अनुवाद के क्षेत्र में आवश्यक दक्षताओं की पहचान की और उन्हें विकसित करने के लिए योजनाओं पर चर्चा की। यह कार्यशाला विद्यार्थियों के लिए एक मार्गदर्शक साबित हुई। विभागाध्यक्ष नोरा रूथ कुमार ने कार्यशाला के सफल आयोजन के लिए सभी का धन्यवाद किया और विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे अनुवाद के क्षेत्र में आगे बढ़ें और अपने करियर में नई ऊँचाइयों को छुएं।
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अनुवाद के क्षेत्र में करियर की संभावनाएँ विषय पर कार्यशाला
26 सितंबर 2026 को 8:47 pm बजे

अनुवाद के क्षेत्र में करियर की संभावनाएँ विषय पर कार्यशाला
