समाज के वंचित और जरूरतमंद वर्गों को राहत देने की दिशा में मध्य प्रदेश सरकार ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार ने विमुक्त, घुमन्तु एवं अर्द्धघुमन्तु कल्याण विभाग के छात्रावासों, आश्रमों एवं सामुदायिक कल्याण केन्द्रों में रहने वाले विद्यार्थियों और रहवासियों के लिए एक बड़ी आर्थिक राहत की घोषणा की है। मंगलवार को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में सम्पन्न मंत्रि-परिषद की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई। इस निर्णय के तहत अब इन संस्थानों में रहने वाले विद्यार्थियों एवं रहवासियों को मात्र एक रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाएगा। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने इस संबंध में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि सरकार के इस निर्णय से इन संस्थानों में रहने वाले विद्यार्थियों को भोजन के लिए मिलने वाले गेहूं और चावल पर बड़ी आर्थिक राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था उन्हें अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति विभाग के शासकीय छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों के समान रियायती खाद्यान्न सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस नई व्यवस्था से प्रदेश भर के ऐसे छात्रावासों, आश्रमों और कल्याण केन्द्रों में रहने वाले हजारों विद्यार्थियों को सीधा लाभ पहुंचेगा। अभी तक इन विद्यार्थियों को खाद्यान्न निर्धारित बाजार मूल्य पर खरीदना पड़ता था, जिससे उनके भोजन पर काफी खर्च आता था। एक रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खाद्यान्न उपलब्ध होने से उनके भोजन का खर्च काफी कम हो जाएगा, जिससे वे अपनी पढ़ाई पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।
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मोहन सरकार का बड़ा फैसला: छात्रावासों में एक रुपये किलो मिलेगा गेहूं-चावल
30 सितंबर 2026 को 11:39 pm बजे
