मध्य प्रदेश कैडर के रिटायर्ड आईएएस अधिकारी रमेश एस। थेटे को 11.50 लाख रुपए के चेक बाउंस मामले में गुरुवार को जमानत मिल गई। भोपाल में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (JMFC) कल्पना कोतवाल की कोर्ट ने उनकी जमानत अर्जी मंजूर करते हुए 10 हजार रुपए के बंधपत्र पर रिहा करने के आदेश दिए। थेटे ने कोर्ट को बताया कि उनके पास जमानतदार की व्यवस्था नहीं है, इसलिए उन्हें मुचलके पर रिहा किया जाए। थेटे को बुधवार को भोपाल की एमपी नगर पुलिस ने नागपुर के मनीष नगर इलाके से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी में नागपुर की बेलतरोड़ी पुलिस ने भी मदद की थी। परिवादी प्रदीप रामटेके के मुताबिक, रमेश थेटे ने उनसे 11.50 लाख रुपए उधार लिए थे, जिसे चुकाने के लिए दिया गया चेक खाते में पर्याप्त बैलेंस न होने के कारण बाउंस हो गया।
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धोखाधड़ी और चेक बाउंस मामले में रिटायर्ड आईएएस रमेश थेटे को मिली जमानत
29 अक्टूबर 2026 को 10:40 pm बजे
