घनश्याम पारधी ने लांजी क्षेत्र में समन्वित कृषि प्रणाली अपनाकर अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि की है। पहले केवल धान की खेती पर निर्भर रहने वाले घनश्याम अब पशुपालन, मत्स्य पालन और उद्यानिकी जैसी गतिविधियों को जोड़कर आय के नए साधन बना चुके हैं। इससे उनके खेत और उससे जुड़े संसाधनों का बेहतर उपयोग होने लगा है और आय के नए रास्ते भी खुले हैं। समन्वित कृषि प्रणाली के तहत, घनश्याम विभिन्न कृषि गतिविधियों को एक-दूसरे से जोड़कर खेती के जोखिम को कम कर रहे हैं। इस व्यवस्था ने खेती को केवल मौसमी गतिविधि न रखकर सालभर चलने वाले आय के साधन में बदलने में मदद की है। घनश्याम बताते हैं कि पहले उनकी आमदनी सीमित थी और मुख्य रूप से एक ही फसल पर निर्भर रहती थी। समन्वित कृषि को अपनाने में घनश्याम को शासन की योजनाओं से भी सहयोग मिला है। इससे उन्हें अलग-अलग समय पर आमदनी प्राप्त होती है।
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समन्वित कृषि ने घनश्याम की आय को दिया नया मोड़
30 सितंबर 2026 को 11:39 pm बजे

समन्वित कृषि ने घनश्याम की आय को दिया नया मोड़
