जल प्रबंधन नीतियों से आर्थिक विकास को बल मिलेगा
नई दिल्ली में आयोजित 9वें भारत अंतर्राष्ट्रीय जल सप्ताह के दौरान अपर मुख्य सचिव दुबे ने जल प्रबंधन के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि जल केवल एक साधारण प्राकृतिक संसाधन नहीं है, बल्कि यह आर्थिक संवृद्धि और सतत विकास की मूल धुरी है। मध्य प्रदेश शासन ने संधारणीय अधोसंरचना, नवीन वित्तीय प्रबंधन और उत्तरदायी जल संरक्षण को एकीकृत किया है। दुबे ने इंदौर में नर्मदा नदी प्रणाली से संबद्ध जल अधोसंरचना के लिए जारी किए गए देश के सफल 'ग्रीन बॉन्ड' का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह नवाचार नगरीय विकास और पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्यों को एक साथ गति देने में सहायक है। इस अवसर पर 'इंडिया वाटर डाइजेस्ट' पॉलिसी ब्रीफ का विमोचन किया गया, जिसे काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वाटर और एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक ने संयुक्त रूप से तैयार किया है। यह रिपोर्ट जल क्षेत्र में पूंजीगत निवेश को बढ़ाने पर बल देती है। उन्होंने जल को राष्ट्रीय परिसंपत्ति के रूप में पुनर्परिभाषित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

