सेबी पंजीकृत स्मार्ट ट्रेनर नीलम टंडन ने दी वित्तीय नियोजन, बचत और निवेश की जानकारी
प्रधान जिला न्यायाधीश एवं प्राधिकरण के अध्यक्ष संजीव कुमार अग्रवाल ने किया मार्गदर्शन
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सीहोर के तत्वावधान में प्रधान जिला न्यायाधीश एवं प्राधिकरण के अध्यक्ष संजीव कुमार अग्रवाल के मार्गदर्शन में एडीआर सेंटर सभाकक्ष में वित्तीय साक्षरता एवं वित्तीय प्रबंधन विषय पर एक महत्वपूर्ण वर्चुअल जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आम जनता को वित्तीय नियोजन, बचत, निवेश और धन के प्रभावी प्रबंधन के बारे में शिक्षित करना था। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. नीलम टंडन, जो वेल बीइंग शिक्षा फाउंडेशन की संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक और सेबी पंजीकृत स्मार्ट ट्रेनर हैं, ने शिरकत की। उन्होंने प्रतिभागियों को वित्तीय स्वतंत्रता प्राप्त करने के लिए आवश्यक ज्ञान और कौशल प्रदान किए। डॉ. टंडन ने वित्तीय बाजारों की जटिलताओं को सरल भाषा में समझाया, जिससे उपस्थित लोगों को अपनी भविष्य की वित्तीय सुरक्षा के लिए बेहतर निर्णय लेने में मदद मिली। उन्होंने बताया कि कैसे छोटी-छोटी बचतों को सही जगह निवेश करके बड़ा धन बनाया जा सकता है। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधान जिला न्यायाधीश संजीव कुमार अग्रवाल ने किया, जिन्होंने वित्तीय साक्षरता के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज के दौर में हर व्यक्ति के लिए यह जानना आवश्यक है कि वह अपने कमाए हुए धन का सही उपयोग कैसे करे। उन्होंने प्रतिभागियों को प्रोत्साहित किया कि वे वित्तीय साक्षरता को गंभीरता से लें और अपने जीवन में इसे अपनाएं। अग्रवाल ने यह भी बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण इस तरह के जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन भविष्य में भी करता रहेगा ताकि अधिक से अधिक लोग लाभान्वित हो सकें। उनके संबोधन ने उपस्थित लोगों में नई ऊर्जा का संचार किया और उन्हें वित्तीय ज्ञान प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। डॉ. नीलम टंडन ने अपने विस्तृत व्याख्यान में वित्तीय नियोजन के विभिन्न पहलुओं को छुआ। उन्होंने बचत के महत्व पर जोर देते हुए बताया कि किस प्रकार अनुशासित बचत से वित्तीय लक्ष्यों को प्राप्त किया जा सकता है। निवेश के विभिन्न माध्यमों, जैसे शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड, फिक्स्ड डिपॉजिट आदि की जानकारी देते हुए उन्होंने उनके फायदे और नुकसान भी बताए। उन्होंने धन के उचित प्रबंधन के तरीकों पर भी विस्तार से चर्चा की, जिसमें बजट बनाना, अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखना और कर्ज से बचना शामिल है। डॉ. टंडन ने यह भी समझाया कि कैसे धोखेबाजों से सावधान रहें और अपनी मेहनत की कमाई को सुरक्षित रखें। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में प्रधान जिला न्यायाधीश संजीव कुमार अग्रवाल के अलावा, प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय वैभव मंडलोई, विशेष न्यायाधीश हेमंत जोशी, जिला न्यायाधीश स्मृति सिंह ठाकुर, जिला न्यायाधीश महेश कुमार वर्मा, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विनीता गुप्ता और अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट स्वप्नश्री सिंह सहित कई अन्य न्यायिक अधिकारी भी उपस्थित रहे। इन गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया और प्रतिभागियों को महत्वपूर्ण हस्तियों से सीखने का अवसर प्रदान किया। यह एक व्यापक दृष्टिकोण था जिसका लक्ष्य वित्तीय कल्याण को बढ़ावा देना था।
