28 अक्टूबर को हुआ हादसा, समाज ने सौंपा ज्ञापन, मुआवजे की मांग
सीहोर जिले में सड़क सुरक्षा के नियमों की अनदेखी एक महिला के लिए जानलेवा साबित हुई। सीहोर के इंदौर नाके से सोया चौपाल के बीच सड़क पर बने गहरे गड्ढे में बाइक गिरने से 28 अक्टूबर को एक महिला की दुखद मृत्यु हो गई। इस गंभीर हादसे के बाद, स्थानीय सीहोर समाज ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई करने, मृतका के परिवार को पर्याप्त आर्थिक सहायता प्रदान करने और सड़कों की तत्काल मरम्मत कराने की मांग उठाई गई है। समाज की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि उनका उद्देश्य केवल विरोध करना नहीं, बल्कि भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोकना और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना 28 अक्टूबर को तब हुई जब महिला अपने परिवार के साथ मोटरसाइकिल पर यात्रा कर रही थी। बताया गया है कि इंदौर नाके से सोया चौपाल के बीच सड़क पर एक अत्यंत गहरा गड्ढा बन गया था, जो कि एक बड़े खतरे का सबब था। इसी गड्ढे में बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई, जिसके परिणामस्वरूप महिला की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे ने एक बार फिर सड़क निर्माण की गुणवत्ता और रखरखाव पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने बार-बार इन गड्ढों की ओर प्रशासन का ध्यान दिलाया था, लेकिन शायद उनकी सुनवाई नहीं हुई। मृतका के परिवार के लिए न्याय की मांग करते हुए, सीहोर समाज ने कलेक्टर से विशेष अनुरोध किया है। ज्ञापन में कहा गया है कि मृतका के दोनों बच्चों की शिक्षा का पूरा खर्च सरकार उठाए और उन्हें मुफ्त शिक्षा प्रदान की जाए। इसके अतिरिक्त, परिवार के भरण-पोषण की जिम्मेदारी को समझते हुए, महिला के पति को सरकारी नौकरी देने की भी मांग की गई है। यह कदम परिवार को आर्थिक संबल प्रदान करेगा और उन्हें इस कठिन समय से उबरने में मदद करेगा। परिवार को तत्काल आर्थिक मुआवजा देने के साथ-साथ, दोनों बच्चों के नाम पर सरकारी स्तर पर 10-10 लाख रुपये की सावधि जमा (एफडी) कराने का प्रस्ताव भी ज्ञापन में शामिल किया गया है। सड़क निर्माण में लापरवाही बरतने वाली कंपनी की निष्पक्ष जांच कराने की मांग भी ज्ञापन का एक अहम हिस्सा है। इंदौर नाके से सोया चौपाल तक सड़क का निर्माण करने वाली कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए और हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उन्हें दंडित किया जाना चाहिए।
