मध्य प्रदेश हाई कोर्ट सांसदों और विधायकों के खिलाफ लंबित आपराधिक मुकदमे वापस लेने की प्रक्रिया पर अहम कानूनी सवाल उठा रहा है। अदालत यह तय करेगी कि जनप्रतिनिधियों के खिलाफ मुकदमे वापस लेने में विशेष अदालत का फैसला अंतिम होगा या हाई कोर्ट की अनुमति भी जरूरी होगी। मुख्य न्यायाधीश अल्पेश यशवंत कोगजे और न्यायमूर्ति विवेक जैन की युगलपीठ चार नवंबर को इस पर सुनवाई करेगी। मामले में यह भी सवाल है कि यदि जनप्रतिनिधि के साथ अन्य आरोपी भी हैं, तो मुकदमा वापसी का लाभ केवल जनप्रतिनिधि को मिलेगा या सह-आरोपियों को भी मिलेगा।
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जनप्रतिनिधियों के केस वापसी पर हाई कोर्ट तय करेगा अधिकार
29 अक्टूबर 2026 को 10:40 pm बजे
