भोपाल में कुपोषण के खिलाफ सरकारी प्रयासों को अब समाज और तकनीक के माध्यम से जोड़ने की पहल की गई है। 'भावनी' पोर्टल के जरिए जरूरतमंद बच्चों की पहचान की जाएगी और उनकी वास्तविक आवश्यकताओं के अनुसार सहायता प्रदान की जाएगी। यह पोर्टल एक डिजिटल मंच है, जो पोषण संबंधी आवश्यकता वाले बच्चों को मार्गदर्शकों, सहयोगी संस्थाओं और दानदाताओं से पारदर्शी तरीके से जोड़ता है। 'भावनी' पोर्टल का निर्माण सूचना प्रौद्योगिकी प्रकोष्ठ, मध्य प्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, भोपाल द्वारा वर्ष 2022 में किया गया था। इस पोर्टल का उद्देश्य केवल किसी बच्चे तक सहायता पहुंचाना नहीं है, बल्कि सहायता मिलने के बाद उसकी पोषण स्थिति में हुए बदलाव की निरंतर निगरानी और मॉनिटरिंग भी सुनिश्चित करना है। इससे विभाग को यह जानने में सुविधा होती है कि किन बच्चों को सहयोग मिल रहा है और उनकी पोषण स्थिति में क्या परिवर्तन आया है। इस व्यवस्था से सहायता को सामान्य रूप से वितरित करने के बजाय बच्चे की वास्तविक आवश्यकता के अनुरूप लक्षित किया जा सकता है। पोर्टल पर बच्चों की जानकारी अनाम रूप में प्रदर्शित होती है, ताकि जरूरतमंद बच्चे तक सहायता पहुंचने के साथ उसकी गोपनीयता भी सुरक्षित रहे। इससे बच्चे की सहायता और उसकी प्रगति का व्यवस्थित अभिलेख तैयार होता है।
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कुपोषित बच्चों की सहायता के लिए 'भावनी' पोर्टल की शुरुआत
29 सितंबर 2026 को 10:58 pm बजे
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