खरगोन में इंदौर लोकायुक्त की टीम ने सोमवार रात एक पटवारी को रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा। पटवारी खूमसिंह धारवे ने बड़ी कसरावद निवासी पुनीत नाडीवाल से कृषि भूमि के नामांतरण के लिए 2 लाख रुपए की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद टीम ने सत्यापन किया और कार्रवाई की। पुलिस ने बताया कि पटवारी को शारदा हॉस्पिटल के सामने पाटीदार मेडिकल के पास पहली किस्त लेते हुए पकड़ा गया। लोकायुक्त पुलिस ने तीनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। इस मामले में तहसीलदार अंतरसिंह कनेश और वार्ड क्रमांक-23 के पटवारी कुलदीप यादव की भूमिका भी संदिग्ध बताई गई है। लोकायुक्त पुलिस निरीक्षक आशुतोष मिठास ने बताया कि उनकी जांच जारी है। टीम ने मामले से जुड़े दस्तावेज और अन्य साक्ष्य जुटाकर जांच को आगे बढ़ा दिया है। पुलिस के अनुसार, नामांतरण की प्रक्रिया में इनकी संदिग्ध भूमिका के चलते ही कार्रवाई की गई। इस गिरफ्तारी ने खरगोन में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को एक नई दिशा दी है। लोकायुक्त की टीम ने स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। भ्रष्टाचार के खिलाफ यह कार्रवाई नागरिकों के विश्वास को बढ़ाने में मदद करेगी। स्थानीय लोगों ने इस कार्रवाई का स्वागत किया है और कहा है कि इससे अन्य अधिकारियों में भी डर पैदा होगा। अब इस मामले में आगे की कार्रवाई और जांच की जा रही है। लोकायुक्त पुलिस ने सभी संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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खरगोन में पटवारी खूमसिंह धारवे को रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा गया
29 सितंबर 2026 को 10:59 pm बजे
