उज्जैन में पंचायती निरंजनी अखाड़ा के महामंडलेश्वर स्वामी भागवतानंद गिरी महाराज का खैरोद में आगमन हुआ। उनके आगमन के तुरंत बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्रित हो गए। श्रद्धालुओं ने महाराज का पुष्पमाला पहनाकर और श्रीफल भेंट कर स्वागत किया। यह दृश्य हर किसी के लिए प्रेरणादायक था। स्वामी भागवतानंद गिरी महाराज ने क्षेत्रवासियों, किसानों और ग्रामवासियों के सुख-समृद्धि की कामना करते हुए वीर भाटीजी महाराज एवं बाबा महाकाल से प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि धर्म, सत्य और सेवा ही मानव जीवन का सच्चा मार्ग है। यह संदेश युवाओं के लिए भी महत्वपूर्ण है, जो आजकल नशे की लत में फंसे हुए हैं। महाराज ने युवाओं को नशे से दूर रहकर सनातन संस्कृति और संस्कारों से जुड़े रहने का संदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि युवा समाज का भविष्य हैं और उनके अच्छे संस्कार ही समाज को आगे बढ़ा सकते हैं। इस संदर्भ में उनके शब्दों ने सभी को प्रेरित किया। महाराज के दर्शन के बाद वे समंदर सिंह कछावाया एवं राजेंद्र नेता के निवास पहुंचे। वहां भी उनका जोरदार स्वागत किया गया। श्रद्धालुओं की भीड़ ने उनके साथ तस्वीरें खिंचवाईं और आशीर्वाद लिया। यह आगमन वास्तव में एक विशेष अवसर था। स्वामी भागवतानंद गिरी महाराज ने अपने प्रवचन में बताया कि वर्तमान समय में धर्म और सेवा का महत्व कितना अधिक है। उन्होंने बताया कि अगर हम सत्य के मार्ग पर चलेंगे, तो निश्चित रूप से समाज में बदलाव ला सकते हैं। उनके विचारों ने सभी को सोचने पर मजबूर कर दिया।
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श्रद्धालुओं ने महाराज का भव्य स्वागत किया
30 सितंबर 2026 को 11:39 pm बजे

श्रद्धालुओं ने महाराज का भव्य स्वागत किया
