मध्य प्रदेश कर्मचारी मंच ने मुख्यमंत्री को एक पत्र लिखकर दैनिक वेतनभोगी से नियमित हुए कर्मचारियों की सेवा अवधि को नियमित सेवा में जोड़ने और पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) का लाभ देने की मांग की है। मंच ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो कर्मचारियों को साथ लेकर आंदोलन किया जाएगा। मंच के प्रदेश अध्यक्ष अशोक पांडे ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय और मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की जबलपुर, ग्वालियर तथा इंदौर पीठों ने दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की सेवा अवधि और पेंशन पात्रता को लेकर महत्वपूर्ण आदेश पारित किए हैं। इन आदेशों के अनुसार, छह साल तक दैनिक वेतनभोगी के रूप में सेवा करने के बाद नियमित हुए कर्मचारियों को पेंशन नियम, 1979 के तहत स्थायी कर्मचारी का दर्जा मिलने के आधार पर उनकी पूर्व सेवा अवधि का लाभ दिया जाना चाहिए। कर्मचारी मंच की मुख्य मांग है कि नियमित होने से पहले दैनिक वेतनभोगी के रूप में की गई सेवा की अवधि को वरिष्ठता और पेंशन पात्रता निर्धारित करने में शामिल किया जाए। मंच का कहना है कि इससे संबंधित कर्मचारियों को उनकी पूर्व सेवा के अनुरूप लाभ मिल सकेगा। इसके साथ ही पात्र कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ देने की भी मांग की गई है। अशोक पांडे के अनुसार, न्यायालयों के इन आदेशों से प्रदेश सरकार और संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। इसके बावजूद, कर्मचारी मंच का आरोप है कि इन आदेशों के पालन के लिए अपेक्षित सकारात्मक कार्रवाई नहीं की जा रही है। मध्य प्रदेश कर्मचारी मंच ने राज्य सरकार से मांग की है कि दैनिक वेतनभोगी से नियमित हुए कर्मचारियों की सेवा अवधि, वरिष्ठता और पेंशन पात्रता से जुड़े मामलों का परीक्षण कर न्यायालय के आदेशों के अनुसार कार्रवाई की जाए। मंच का मानना है कि कर्मचारियों की वर्षों की सेवा को ध्यान में रखते हुए उनके सेवा संबंधी लाभों का निर्धारण किया जाना चाहिए।
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कर्मचारी मंच ने मांगी वरिष्ठता और पेंशन लाभ
29 अक्टूबर 2026 को 10:40 pm बजे
